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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>क्या वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को गिराए जाने वाला जिहाद सही था!!!??? Types of Jihad

>मैं पीस टीवी देख रहा था. प्रोग्राम था… इज़हारे हक और इज़हारे हक की इस नशिस्त (एपिसोड) में जो शीर्षक था…वह था… “जिहाद और दहशतगर्दी – इस्लाम के पसमंज़र में“, जिसे लखनऊ में ही आयोजित किया गया था. उस प्रोग्राम में जब सवालात और जवाबात का सेशन शुरू हुआ तो औरतों में से एक मुसलमान ख्वातीन ने डॉ जाकिर साहब से पूछा:

डॉ साहब, मुझे ये बताईये कि ग्यारह सितम्बर दो हज़ार एक (9/11) को जो ट्विन टावर गिराया गया वो जिहाद था या नहीं और अगर था तो क्या यह सही जिहाद था? क्यूंकि मेरा बेटा भी एक आईआईटीएन है और वह वहां मौजूद था और जब हमने यह सुना तो मेरी तो रूह ही काँप गयी थी. मुझे यह बताईये डॉ साहब कि जिन्होंने ने यह सब किया सही किया या नहीं?

मैंने टीवी पर नज़रें गड़ा दीं क्यूंकि यह एक अहम् सवाल था और मेरे लिए इस सवाल का जवाब जानना बहुत ज़रूरी था. उस ख्वातीन की तरह मुझे भी यह जानना ज़रूरी था क्यूंकि मुझसे भी कई लोगों ने इसी तरह का सवाल किया था यहाँ तक कि कई ब्लॉगरों ने मेरी पोस्ट पर यह सवाल दागे या इससे मिलते जुलते. मैं डॉ जाकिर नाइक साहब ने जो जवाब दिया और विश्लेषण इस पोस्ट के ज़रिये आप तक पहुंचाना चाहता हूँ.

इस सवाल के जवाब से पहले हमें यह जानना बहुत ज़रूरी है कि जिहाद कहते किसे हैं और जिहाद किस-किस क़िस्म का होता है? हालाँकि मैंने जिहाद का शाब्दिक अर्थ और परिभाषा अपने पिछले पोस्ट में व्यक्त कर दी थी. मैं उसे यहाँ पर दोहराना चाहूँगा कि जिहाद क्या है?

जिहाद शब्द का इस्तेमाल वर्तमान काल में जिस अर्थ में लिया जा रहा है, आजकल इस्लाम के बारे में फैली गलत-फहमियों में से एक है. बल्कि यों कहें कि जिहाद के बारे में गलत-फहमी केवल नॉन-मुस्लिम में ही नहीं है बल्कि मुस्लिम में भी है. जिहाद को नॉन-मुस्लिम और मुस्लिम दोनों ही यह समझते हैं कि किसी मुसलमान के द्वारा लड़ी गयी लडाई, वह चाहे किसी मक़सद के लिए हो, वह गलत मक़सद हो या सही, जिहाद कहलाता है.
जिहाद एक अरबी भाषा का शब्द है जो ‘जहादा’ ‘jahada’ शब्द से बना है जिसका मायने होता है ‘मेहनत करना’ ‘जद्दोजहद करना’ ‘संघर्ष करना’ अंग्रेजी में इस कहेंगे to strive or to struggle. मिसाल के तौर पर ‘अगर एक छात्र उत्तीर्ण होने के लिए मेहनत करता है, तो वह जिहाद कर रहा है.’ अरबी भाषा के शब्द जिहाद का एक अर्थ ‘अपनी नफ़्स से संघर्ष करना’ भी है. अपने समाज को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करने को भी जिहाद कहते हैं और यह अपने अंतर एक अर्थ और समेटे है जिसका अर्थ होता है कि ‘आत्म रक्षा के लिए संघर्ष’ या चढाई हो जाने या अत्याचार होने पर रण-भूमि में चढाई करने वाले या अत्याचार के विरुद्ध लड़ना.
जिहाद धर्म-युद्ध नहीं
लेकिन जिहाद को ‘पवित्र युद्ध’ holy war नाम पश्चिम जगत और इस्लाम विरोधी मिडिया ने दिया जो कि बिलकुल ही गलत परिभाषा है। जैसा कि हम देख चुके है कि जिहाद एक अरबी शब्द है उसके मायने क्या है.

इस्लामिक नज़रिए में जब हम कुर’आन और हदीस का अध्ययन करते हैं तो पता चलता है कि ‘जिहाद’ मुख्यतया दो प्रकार का हो सकता है;
एक “फ़ी-सबिलिल्लाह” अर्थात अल्लाह की राह में (अच्छाई की राह में) और दूसरा “फ़ी-सबीशैतान” अर्थात शैतान की राह में (बुराई की राह में).

अगर हम देखते हैं कि जो ट्विन टावर गिराया गया वह कौन सा जिहाद था तो साफ़ पता चलता है कि यह फ़ी-सबीशैतान था.

जिहाद का अर्थ जद्दो जहद होता है तो वर्ल्ड ट्रेड सेण्टर गिराना भी ऐसा नहीं है कि हंसी खेल था यह तो बहुत ही जद्दो-जहद का काम रहा होगा यानि यह बहुत बड़े जिहाद का काम था लेकिन “फ़ी-सबिशैतान” बुराई की राह में था.

पश्चिमी मीडिया कहती है कि प्रमुख संदिग्ध ओसामा बिन लादेन है. वही पश्चिम के लोग जो शहीदे-आज़म भगत सिंह को भी आतंकवादी कहते थे. ओसामा बिन लादेन ने अगर ऐसा किया है तो यह ग़लत है, लेकिन आज तक यह सिद्ध नहीं हो पाया केवल प्राइम सस्पेक्ट ओसामा बिन लादेन, प्राइम सस्पेक्ट ओसामा बिन लादेन…

मान लें, बहस के तौर पर कि ओसामा बिन लादेन ने ऐसा किया भी है… तो एक इंसान की करी गयी ग़लती की वजह से बुश की अमेरिकी सेना ने लाखों लोगों को मौत की नींद सुला दिया. अफगानिस्तान जैसे गरीब देश पर उसने लाखों बेगुनाहों पर बम गिराए. इस तरह से तो बुश तो दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है.

हमें मालूम है कि सद्दाम हुसैन एक मुसलमान था, मुसलमान होने के बावजूद उसने कुछ लोगों को ग़लत तरीक़े से मार डाला था. लेकिन उस पर तरह तरह के इल्जाम लगा कर कि उसके पास जैविक हथियार हैं; ये है; वो है. और इराक़ पर बुश ने बम बरसाए.

खुद बुश ने सी एन एन पर कहा था कि “मैंने वहां सेना भेजी”. आप खुद सोचिये जिस कृत्य को यूएन ने इजाज़त नहीं दी, उसके खिलाफ़ जाकर बुश और अमेरिकी सेना ने क्या सही किया? अगर आतंक का यही नजरिया है तो मेरे हिसाब से बुश दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है.

यही नहीं अमेरिका की तीन बड़ी मैगजीनों ने यह साबित किया था कि ट्विन टावर पर जो हमला किया गया वह बाहरी हमला नहीं बल्कि अमेरिका का अपना इनसाइड जॉब था.
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Filed under: जिहाद, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर

लेख सन्दर्भ

सलीम खान