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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>अंतिम अवतार के दावेदार (List of antim -awtar)

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आज तक अंतिम या कलियुग का अवतार होने का दावा अनेक व्यक्तियों ने किया है। ऐसे अवतार के दावेदारों में से कुछ का उल्लेख निम्नलिखित है।
1. प्रथम उल्लेख में एक निष्कलंकी दल नाम में एक संस्था है। इसके संस्थापक बालमुकुन्दजी कहे जाते हैं। वह भारत के निवासी हैं, उनके अनुयायी उनके अवतार होने की प्रतिक्षा में हैं।

2. ठाकुर दयानन्द का ‘‘अरूणा चल मिशन’’ यह मिशन आसाम राज्य के सिलचर नामक स्थान में 1909 में स्थापित किया गया था। उन्होंने स्वयं तो अवतार होने का दावा नहीं किया किन्तु अनुयायी गणों ने माना, वह मिशन आज भी चल रहा है।

3. मात आनन्दमयी – इनको हजारों लोग आदि शक्ति जगदम्बा का अवतार मानते हैं।

4. मध्य प्रदेश वर्धा के सत्य समाज के संचालक स्वामी सत्य भक्त जी अवतार बन गये थे।

5. ब्रह्मकुमारियों के दादा गुरू-दादा लेखराज जिनका पूर्व नाम खूब चंद्रकृपलानी था। 1937 में आम मण्डली नाम की संस्था की स्थापना की। उन्होंने स्वयं ही ब्रह्मा विष्णु आदि होने का दावा किय था।

6. कृष्णानन्द जी दादा धुनी वाले ने अपने आपको शंकर जी का अवतार कहा था।

7. स्वामी प्रणवानन्द जी भी अवतार बन बैठे थे।

8. हंसावतार – इनके समन्ध में इनके प्रचारकों का कहना है कि जो त्रोता में राम, द्वापर में कृष्ण, वही भगवान अब हंसावतर है। (कल्कि पुराण भूमिका से)

अन्य और दावा करने वाले



9. आनन्द मार्ग करने वाले



10. अखिल ब्रह्माण्ड पति



11. सत् संघ आश्रम श्री अनुकूल चंद्र ठाकुर
 
थोड़ा आगे देखें तो-



12. सीता राम ओंकार नाथ,



13. श्री राम कृष्ण परमहंस देव ठाकुर।



14. श्री लोक नाथ ब्रह्मचारी।



15. बालक ब्रह्मचारी, आदि को लेकर अवतार मानते थे।
 
16. ऐतिहासिक रूप से समाज में प्रेम-भक्ति का जो विचार लाया था उनका नाम श्री कृष्ण चैतन्य था, आज तक वैष्णव सम्प्रदाय उनके ही कलियुग का अवतार मानता है। इनका पूर्व नाम निमाइमिश्र, पिता जगन्नाथ मिश्र, माता शची देवी, जन्म स्थान बंगाल के नदीया जिले में।
 
वर्तमान समय में नकली अवतारों की संख्या बहुत है।
 
नकली अवतार का दावा करने वाले केवल कलि युग में ही नहीं द्वापर युग में भी अवतार का दावा करनेवाले भी थे(देखें भागवत पु. – 10/66/अ.)
 
अंतिम अवतार का दावा पेश करने में एक व्यक्ति बड़ी जोर शोर के साथ खड़ा हुआ वह मुसलमान घराने में पैदा हुआ उनका परिचय: वह पंजाब के गुरूदास पुर, जिला कादियां का मिर्जा गोलाम अहमद है। आश्चर्य की बात तो यह है कि बहुत से हिन्दू-मुसलमान उसको अवतार मानने लगे हैं।
 
ऊपर कहे गये तमाम दावेदार झूठे अवतार हैं, यह कहने के लिए विचार का प्रयोजन नहीं है।



इसी विषय पर अगला भाग पढ़े- (जिसमे विभिन्न धर्मों के धर्म ग्रन्थों में अंतिम अवतार के के बारे में क्या बताया गया है, का विश्लेषण)

Source: अंतिम अवतार Blog,  अंतिम अवतार परिचय- महाराज विकाशानन्‍द

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लेख सन्दर्भ