स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़

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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>HINDI BLOGGING TIPS: न केवल पाठक, न टिपण्णी- पोस्ट वही जो ‘प्रारंभ से अंत तक’ पाठक को पढने पर मजबूर कर दे! और टिपण्णी करने पर भी! आईये जाने कैसे?

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जी हाँ, पोस्ट की असल ख़ूबी तो यही है कि उसे पाठक शुरू से आखिर तक पढ़ डाले और पाठक इतना सम्मोहित हो जाये कि वह जब तक पूरा का पूरा पढ़ न ले, उसे चैन न आये और क्या ही खूब हो कि पाठक आदि से अंत तक उसे पढ़ भी ले और टिपण्णी करने पर मजबूर हो जाये.

ब्लोगिंग वर्तमान में अंतर्जाल पर सबसे जयादा पसंद किया जाने वाला एक संवाद-स्थल है, यही नहीं इसके माध्यम से वे लोग जयादा लाभान्वित हो रहे हैं जो लेखक, रचनाकार आदि बनने के सपने तो देखते हैं और लिखते भी हैं लेकिन उनको प्रकाशित करवाने में उन्हें लाले आ जाते हैं. ब्लोगिंग ने प्रकाशन के पारंपरिक माध्यम के एकाधिकार  में सेंध सी लगा दी है.
ज़्यादातर होता यूँ है कि ब्लोगर बंधू चिट्ठे पर जाते है और पोस्ट ओपन भी करते हैं लेकिन उस पोस्ट को पढ़ते नहीं है और सिर्फ शीर्षक पढ़ कर ही अपनी टिपण्णी कर देते हैं या अगर यूँ कहें कि पाठक अक्सर केवल अपनी टिपण्णी करने ही चिट्ठे पर आते है तो अतिश्योक्ति न होगी. वहीँ दूसरी ओर कुछ ब्लोगर की जमात ऐसी भी है कि वे पढ़ते तो है मगर उस पर टिपण्णी करने से कतराते हैं. भले ही वह पोस्ट उन्हें पसंद आ रही हो या नहीं.

अब सवाल ऐसा है कि कोई ऐसा क्या किया जाये कि जो पाठक को पूरा का पूरा पढ़े और वह यहाँ तक सम्मोहित हो जाये कि टिपण्णी करे बिना उसे चैन न आये. तो जनाब आपको बस नीचे लिखे टिप्स पर कुछ ध्यान देना है;

शीर्षक ऐसा कि पाठक को खींच लायें

अर्थात शीर्षक ऐसा हो कि प्रथम दृष्टया में ही पाठक को उसे पोस्ट तक खींच लाये. आप जो कुछ भी लिखना चाहते है उसका शीर्षक इतना सशक्त हो कि पाठक की नज़र उस पर पड़ते ही उस क्लिक करने पर मजबूर कर दे. ज़रूरी नहीं कि पोस्ट लिखने से पहले ही शीर्षक का नामकरण किया जाये. अगर आपको लेख लिखने से पहले शीर्षक समझ नहीं आ रहा तो कोई चिंता की बात नहीं है, आप पूरा लेख लिखने के बाद भी शीर्षक बना सकते हैं बल्कि पूरा लेख लिखने के बाद तो शीर्षक और भी सशक्त बनाया जा सकता है.

लेखांश सशक्त व सन्दर्भ के आसपास ही हो

लेखांश हमेशा सन्दर्भ के आसपास हो और शीर्षक से मेल खाता हुआ क्यूंकि अगर ऐसा न हुआ तो पाठक आयेंगे ज़रूर लेकिन वे पढ़े बिना ही चले जायेंगे क्यूंकि शीर्षक से सम्बंधित लेखांश उन्हें नहीं मिल पाता है. तो यह ध्यान भी देना बहुत ज़रूरी है कि लेखांश सशक्त व सन्दर्भ और शीर्षक के आसपास ही हो.
अपनी भाषा-शैली में सरलता रखे
हम ब्लोगर अंतरजाल पर ही लिख सकते हैं और अंतरजाल पर हर क़िस्म के पाठक आते है; कुछ भाषा के ज्ञानी भी होते हैं तो कुछ जो भाषा की गहनता से लगभग अनजान रहते हैं. हमें अपनी भाषा और शैली को इस तरह से बना कर रखना होगा जिससे हम ज़्यादा से ज़्यादा पाठक तक अपनी पहुँच बना सकें. आपको बड़े-बड़े व्याकरण के शब्दों से परहेज़ करते हुए सरल शब्दों को प्रयोग करना चाहिए जिससे कि हर क़िस्म के पाठक आसानी से पढ़ सकें और समझ सकें. भाषा शैली में सरलता इसलिए भी ज़्यादा महत्व रखती है क्यूंकि हमें अत्यधिक पाठक तक अपनी पकड़ बनानी होती है.
वाक्य और पैराग्राफ़ छोटे हों
अंतरजाल सर्फ़ करते वक़्त पाठक ज़्यादा समय तक एक ही विषयवस्तु पर नहीं टिकते इसलिए चाहिए कि लिखते समय आपके लेख में वाक्य और पैराग्राफ़ छोटे और मुद्दे पर ही केन्द्रित हों. पाठकों का ध्यान आकर्षण करने के लिए इसके अलावा आप बुलेटेड पॉइंट का प्रयोग कर सकते हैं.
अपना लेख संवादी बनायें
चूँकि हम ब्लॉग में जो कुछ लिखते हैं उसके जवाब में हमें टिप्पणियों की भी दरकार होती है बल्कि अधिकांशतः लेखक तो मात्र टिप्पणियों के लिए ही लिखते हैं. इसलिए हमें अपने लेख को संवाद-योग्य बनाना चाहिए ताकि पाठक पढ़ते ही संवाद स्थापित करने को उत्सुक हो जाए.
लेखन में अपने व्यक्तित्व को समाहित करें
कोशिश करें कि लेख में व्यक्तिगत अनुभव की झलक दिखाई पढ़े. आपके वे अनुभव जो लेख से सम्बंधित हो अवश्य अंकित करें. इसके लिए आप प्रयोगात्मक चुटकुले प्रयोग करें जिससे पाठक पढ़ते वक़्त खुश हो जाएँ. पाठक को लगे कि लेखक ने वास्तविकता के साथ लिखा है.
हालाँकि उपरोक्त सभी टिप्स ज़रूरी नहीं कि एक ही लेख में समाहित कर लिए जाएँ, यह निर्भर करता है कि आप क्या लिखा रहें है!
आज के लिए बस इतना ही!! फ़िर हाज़िर होऊंगा कुछ नया लेकर!!!
आपका
सलीम ख़ान
मोबाइल::: 9838659380
वार्तालाप का समय सुबह १०:०० बजे से पहले और शाम ६:०० बजे के बाद

दिनांक 21/12/2009, दिन सोमवार समय 11: 00 को साईंस ब्लोगर्स एसोसियेशन पर मेरा पहला लेख पढ़ना न भूलें! धन्यवाद !!

Filed under: स्वच्छ सन्देश

19 Responses

  1. >उपयोगी जानकारी दी है जी, धन्यवादप्रणाम स्वीकार करें

  2. >उपयोगी जानकारी दी है जी, धन्यवादप्रणाम स्वीकार करें

  3. rohit says:

    >saleem bhai its realy nice to c that u r writing something good, usefull. my best wishes for u.

  4. rohit says:

    >saleem bhai its realy nice to c that u r writing something good, usefull. my best wishes for u.

  5. >निश्चय ही आपने उपयोगी बातें बतायी हैं । संतुलित आलेख । आभार ।

  6. >निश्चय ही आपने उपयोगी बातें बतायी हैं । संतुलित आलेख । आभार ।

  7. >बहुत ही बढिया सलाह दी है आपने…आपके द्वारा कही गई काफी बातों को मैँ अमल में लाता भी हूँ… आपसे बात करने की इच्छा हो रही है…अगर आप उचित समझें तो…मेरा नम्बर है 09810821361

  8. >बहुत ही बढिया सलाह दी है आपने…आपके द्वारा कही गई काफी बातों को मैँ अमल में लाता भी हूँ… आपसे बात करने की इच्छा हो रही है…अगर आप उचित समझें तो…मेरा नम्बर है 09810821361

  9. KAVITA RAWAT says:

    >bahut achhi baaten kahi hai aapne, Aisa ki kuch dekhane ko milta hai……

  10. >कई ज़रूरी जानकारी और आकर्षक प्रस्तुती!

  11. >कई ज़रूरी जानकारी और आकर्षक प्रस्तुती!

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