स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़

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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>शादी करने और मोबाइल ख़रीदने में कभी भी जल्दबाजी न करें, क्यूंकि… If you’ll wait, Chance is to get letest model for both सलीम खान

>

जी हाँ, शीर्षक सही है और यथार्थ के बेहद क़रीब. बहुत ही आसान सा तर्क है.
अब देखिये न, अगर आपका मन मोबाइल ख़रीदने का है और आपने मोबाइल आज खरीद लिया और कल तक का इंतज़ार नहीं करते हैं तो आप मोबाइल के आने वाले लेटेस्ट मॉडल से महरूम हो सकते हैं और आपका मोबाइल आउट डेटेड को कहा जायेगा. आप मोबाइल ख़रीदने में जल्दबाज़ी न करें तो ही बेहतर होगा!!!
ठीक उसी तरह अगर आप शादी करने जा रहें हो तो सावधान हो जाएँ क्यूंकि अगर आप आज शादी कर रहें है तो आने वाले कुछ साल में आप द्वारा चयनित जीवन साथी आउट-डेटेड हो जायेगा या आपको लगने लगेगा और बेहतर यही है कि अगर आप शादी करने के लिए जितना इंतज़ार कर लें उतना ही लेटेस्ट मॉडल आपको मिल सकता है.
इसलिए शादी करने और मोबाइल ख़रीदने में कभी भी जल्दबाजी न करें…
वैधानिक चेतावनी::: यह तर्क पुरुषों पर सौ फ़ीसदी सटीक बैठता है.
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Filed under: स्वच्छ सन्देश

26 Responses

  1. पी.सी.गोदियाल कहते हैं:

    >"शादी करने और मोबाइल ख़रीदने में कभी भी जल्दबाजी न करें, क्यूंकि… If you'll wait chance to get letest model for both सलीम खान "अरे सलीम भाई ये हुई न ज्ञान की बात, हा-ह-अह-हा- हा, यहाँ पर मैं १०१ % आपसे सहमत हूँ, चाहे पूरी दुनिया ही इस बात पर मेरी दुश्मन बन जाए ! पर क्या करे भाई इस कमवक्त ने तो दोनों ही मामलो में जल्द्वाजी दिखाई 🙂

  2. पी.सी.गोदियाल कहते हैं:

    >"शादी करने और मोबाइल ख़रीदने में कभी भी जल्दबाजी न करें, क्यूंकि… If you'll wait chance to get letest model for both सलीम खान "अरे सलीम भाई ये हुई न ज्ञान की बात, हा-ह-अह-हा- हा, यहाँ पर मैं १०१ % आपसे सहमत हूँ, चाहे पूरी दुनिया ही इस बात पर मेरी दुश्मन बन जाए ! पर क्या करे भाई इस कमवक्त ने तो दोनों ही मामलो में जल्द्वाजी दिखाई 🙂

  3. प्रवीण शाह कहते हैं:

    >…सलीम भाई और आदरणीय गोदियाल जी,यह मत कहना कि आगाह नहीं किया…. अब आपको MCP कहने आते ही होंगे लोग…और हाँ मैं सहमत नहीं भई देर करोगे तो बिना मोबाईल के रहोगे… बिना मोबाईल के तो पुराना मॉडल रखना हर हाल में बेहतर है… रही बात शादी की… मॉडल तो वही मिलेगा जिस मॉडल के आप खुद हो…

  4. प्रवीण शाह कहते हैं:

    >…सलीम भाई और आदरणीय गोदियाल जी,यह मत कहना कि आगाह नहीं किया…. अब आपको MCP कहने आते ही होंगे लोग…और हाँ मैं सहमत नहीं भई देर करोगे तो बिना मोबाईल के रहोगे… बिना मोबाईल के तो पुराना मॉडल रखना हर हाल में बेहतर है… रही बात शादी की… मॉडल तो वही मिलेगा जिस मॉडल के आप खुद हो…

  5. अजय कुमार कहते हैं:

    >mobile khareed kar baat kar sakte hai lekin shaadee kar ke bolna bannd jaataa hai

  6. अजय कुमार कहते हैं:

    >mobile khareed kar baat kar sakte hai lekin shaadee kar ke bolna bannd jaataa hai

  7. M VERMA कहते हैं:

    >अभी शादी नही की क्या?नही की तो जल्दी कर लें कुवारे रह जाने का खतरा है.

  8. M VERMA कहते हैं:

    >अभी शादी नही की क्या?नही की तो जल्दी कर लें कुवारे रह जाने का खतरा है.

  9. मनोज कुमार कहते हैं:

    >कहीं दोनो यह न कहे तुम हमारे जैसे लेटेस्ट मॉडल के लिए आउट डेटेड हो। मुझे कोई खतरा नहीं है। दोनो सही समय पर ग्रहण कर लिया था।

  10. मनोज कुमार कहते हैं:

    >कहीं दोनो यह न कहे तुम हमारे जैसे लेटेस्ट मॉडल के लिए आउट डेटेड हो। मुझे कोई खतरा नहीं है। दोनो सही समय पर ग्रहण कर लिया था।

  11. राजीव तनेजा कहते हैं:

    >मज़ेदार…लेकिन शादी वो लड्डू है कि उसे जो खाए…वो भी पछताए और जो ना खा पाए…वो भी पछताए… मोबाईल भी ऐसा ही लड्डू है…जिसने ले लिया..वो भी पछताया और जो नहीं ले पाया…वो भी पछताया

  12. राजीव तनेजा कहते हैं:

    >मज़ेदार…लेकिन शादी वो लड्डू है कि उसे जो खाए…वो भी पछताए और जो ना खा पाए…वो भी पछताए… मोबाईल भी ऐसा ही लड्डू है…जिसने ले लिया..वो भी पछताया और जो नहीं ले पाया…वो भी पछताया

  13. aarkay कहते हैं:

    >दुरुस्त फ़रमाया, सलीम भाई ! अप्पन के पास न मोबाइल है न बीवी का प्यार , क्या करें -मोबाइल ही मिला न बीवी का प्यार इधर के भी हैं , और उधर के भी गरज ये कि हर हाल में खुश हैं

  14. aarkay कहते हैं:

    >दुरुस्त फ़रमाया, सलीम भाई ! अप्पन के पास न मोबाइल है न बीवी का प्यार , क्या करें -मोबाइल ही मिला न बीवी का प्यार इधर के भी हैं , और उधर के भी गरज ये कि हर हाल में खुश हैं

  15. zeashan zaidi कहते हैं:

    >ऐसा न हो की लेटेस्ट मॉडल ढूँढने के चक्कर में खुद ही Outdated हो गए.

  16. zeashan zaidi कहते हैं:

    >ऐसा न हो की लेटेस्ट मॉडल ढूँढने के चक्कर में खुद ही Outdated हो गए.

  17. >क्या आप इस तरह के मेसेज अपने मोबाइल पर निशुल्क प्राप्त करना चाहते सोचो ! अगर ईश्वर प्रति दिन का हमसे 1000 रूपया लेता तो क्या हम एक सैकण्ड भी व्यर्थ करते।• यदि बड़ा आदमी बनना हैं तो पहले छोटा आदमी बनो।• सकारात्मक सोचने की कला-सोचे वही जो बोला जा सके और बोले वही जिसके नीचे हस्ताक्षर किये जा सके।• जो लोग सुबह उगता हुआ सूरज देखते हैं, वे उगते हुए भाग्य के मालिक बनते हैं।• हमें स्वयं को केवल एक मिनट के लिये बूढ़ा बनाना चाहिये। कब ? जब सामने मौत आने वाली हो।• असफलता की ट्रेन आमतौर पर अनिर्णय की पटरी पर दौड़ती हैं।• 99 फीसदी मामलों में वही लोग असफल होते हैं, जिनमें बहाने बनाने की आदत होती हैं।• इन्सान को सद् इन्सान केवल विचारों के माध्यम से बनाया जा सकता है।• मालिक बारह घण्टे काम करता हैं, नौकर आठ घण्टे काम करता हैं, चोर चार घण्टे काम करता हैं। हम सब अपने आप से पूछे कि हम तीनों में से क्या है।• भगवान की दुकान प्रात: चार बजे से छ: बजे तक ही खुलती है।• परिवर्तन से डरोगे तो तरक्की कैसे करोगे ?• सबसे अधिक खराब दिन वे हैं जब हम एक बार भी हँसी के ठहाके नहीं लगाते हैं।• सद्विचार सत्य को लक्ष्य करके छोड़ा हुआ तीर है।• आप ढूँढे तो परेशानी का आधा कारण अपने में ही मिल जाता है।• यदि जीने की कला हाथ लग जाये तो जीवन बांस का टुकड़ा नहीं, आनन्द देने वाली बांसुरी बन जाती है।• यदि हम किसी दूसरे जैसा बनने की कोशिश करते हैं, तो दूसरे स्थान पर ही रहते हैं। अगर हमें आदर्श स्थिति पर पहुंचना हैं, तो खुद अपना रास्ता बनाना होगा।• कई लोग जिंदगी में सही निशाना तो साध लेते हैं, पर ट्रिगर नहीं दबा पाते हैं, जिंदगी में निर्णय लेना बेहद जरूरी हैं।• प्रेम दूरबीन से देखता हैं और ईश्र्या माइक्रोस्कोप से।• श्रेष्ठ प्रबन्धन संघर्ष और सफलता के बीच के अन्तर को समाप्त करता हैं।• बीते समय में हमने भविष्य की चिन्ता की, आज भी हम भविष्य के लिये सोच रहे हैं और शायद कल भी यही करेंगे। फिर हम वर्तमान का आनन्द कब लेंगे ?• किसी में कमी तलाश करने वालों की मिसाल उस मक्खी की तरह हैं जो पूरा सुन्दर जिस्म छोड़कर सिर्फ जख्म पर ही बैठती हैं।• जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते हैं, वे तो बस हर काम को अलग अन्दाज से करते हैं।• जिन्दगी में कभी किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहना, चाहे वह आपकी परछाया ही क्यो न हो, अंधेरे में वह भी आपका साथ छोड़ देगी।• एक ध्येय वाक्य-“यह भी बीत जायेगा।´´ ये चार शब्द चार वेदों का काम कर सकते हैं।यदि हाँ तो- अपने मोबाइल में मेसेज टाइप करे – JOIN लिखे, इसके बाद एक स्पेस दे, फिर MOTIVATIONS लिखे। इसे 09870807070 पर भेज दें। Successfully subscribe होने के बाद प्रतिदिन आपको अनमोल सद्विचार अपने मोबाइल पर प्राप्त होते रहेंगे। यह सेवा पूर्णतया नि:शुल्क हैं। हमारी आप सभी से यह विनम्र अपील हैं कि आप सभी विचार क्रान्ति अभियान की इस अभिनव योजना से जुड़े और अधिकाधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास करावें। जनमानस परिष्कार मंचhttp://yugnirman.blogspot.com/2010/01/blog-post.html

  18. >क्या आप इस तरह के मेसेज अपने मोबाइल पर निशुल्क प्राप्त करना चाहते सोचो ! अगर ईश्वर प्रति दिन का हमसे 1000 रूपया लेता तो क्या हम एक सैकण्ड भी व्यर्थ करते।• यदि बड़ा आदमी बनना हैं तो पहले छोटा आदमी बनो।• सकारात्मक सोचने की कला-सोचे वही जो बोला जा सके और बोले वही जिसके नीचे हस्ताक्षर किये जा सके।• जो लोग सुबह उगता हुआ सूरज देखते हैं, वे उगते हुए भाग्य के मालिक बनते हैं।• हमें स्वयं को केवल एक मिनट के लिये बूढ़ा बनाना चाहिये। कब ? जब सामने मौत आने वाली हो।• असफलता की ट्रेन आमतौर पर अनिर्णय की पटरी पर दौड़ती हैं।• 99 फीसदी मामलों में वही लोग असफल होते हैं, जिनमें बहाने बनाने की आदत होती हैं।• इन्सान को सद् इन्सान केवल विचारों के माध्यम से बनाया जा सकता है।• मालिक बारह घण्टे काम करता हैं, नौकर आठ घण्टे काम करता हैं, चोर चार घण्टे काम करता हैं। हम सब अपने आप से पूछे कि हम तीनों में से क्या है।• भगवान की दुकान प्रात: चार बजे से छ: बजे तक ही खुलती है।• परिवर्तन से डरोगे तो तरक्की कैसे करोगे ?• सबसे अधिक खराब दिन वे हैं जब हम एक बार भी हँसी के ठहाके नहीं लगाते हैं।• सद्विचार सत्य को लक्ष्य करके छोड़ा हुआ तीर है।• आप ढूँढे तो परेशानी का आधा कारण अपने में ही मिल जाता है।• यदि जीने की कला हाथ लग जाये तो जीवन बांस का टुकड़ा नहीं, आनन्द देने वाली बांसुरी बन जाती है।• यदि हम किसी दूसरे जैसा बनने की कोशिश करते हैं, तो दूसरे स्थान पर ही रहते हैं। अगर हमें आदर्श स्थिति पर पहुंचना हैं, तो खुद अपना रास्ता बनाना होगा।• कई लोग जिंदगी में सही निशाना तो साध लेते हैं, पर ट्रिगर नहीं दबा पाते हैं, जिंदगी में निर्णय लेना बेहद जरूरी हैं।• प्रेम दूरबीन से देखता हैं और ईश्र्या माइक्रोस्कोप से।• श्रेष्ठ प्रबन्धन संघर्ष और सफलता के बीच के अन्तर को समाप्त करता हैं।• बीते समय में हमने भविष्य की चिन्ता की, आज भी हम भविष्य के लिये सोच रहे हैं और शायद कल भी यही करेंगे। फिर हम वर्तमान का आनन्द कब लेंगे ?• किसी में कमी तलाश करने वालों की मिसाल उस मक्खी की तरह हैं जो पूरा सुन्दर जिस्म छोड़कर सिर्फ जख्म पर ही बैठती हैं।• जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते हैं, वे तो बस हर काम को अलग अन्दाज से करते हैं।• जिन्दगी में कभी किसी के ऊपर निर्भर नहीं रहना, चाहे वह आपकी परछाया ही क्यो न हो, अंधेरे में वह भी आपका साथ छोड़ देगी।• एक ध्येय वाक्य-“यह भी बीत जायेगा।´´ ये चार शब्द चार वेदों का काम कर सकते हैं।यदि हाँ तो- अपने मोबाइल में मेसेज टाइप करे – JOIN लिखे, इसके बाद एक स्पेस दे, फिर MOTIVATIONS लिखे। इसे 09870807070 पर भेज दें। Successfully subscribe होने के बाद प्रतिदिन आपको अनमोल सद्विचार अपने मोबाइल पर प्राप्त होते रहेंगे। यह सेवा पूर्णतया नि:शुल्क हैं। हमारी आप सभी से यह विनम्र अपील हैं कि आप सभी विचार क्रान्ति अभियान की इस अभिनव योजना से जुड़े और अधिकाधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास करावें। जनमानस परिष्कार मंचhttp://yugnirman.blogspot.com/2010/01/blog-post.html

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