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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>आतंकवाद पर केवल मुसलमानों का ही एकाधिकार है Muslim monopoly in terrorism

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30 Responses

  1. >भाई जब तक कोई बतायेगा नहीं लोग जानेंगे कैसे, कुछ जानने के लिये पढो किताब ''हिन्‍दू आतंकवाद बेनकाब'' यह अब छप चुकी है,डायरेक्‍ट लिंक

  2. >भाई जब तक कोई बतायेगा नहीं लोग जानेंगे कैसे, कुछ जानने के लिये पढो किताब ''हिन्‍दू आतंकवाद बेनकाब'' यह अब छप चुकी है,डायरेक्‍ट लिंक

  3. >दूध के धुले बेचारे मुसलमान, धरती पर जिस जिस देश में है, सुख चैन हराम कर रक्खा है,फतवा फतवा चिल्लाते है पर आतंकवाद ओसामा और मुल्ला उमर के खिलाफ फटती है फतवा जारी करने में ?इस्लाम की अस्मत चाहते हो तो पहले खुद लड़ो इस्लाम के नाम पर आतंक फैलाने वालो से फिर बात करना !नहीं तो हमेशा दुनिया को लगता रहेगा की ..सारे मुसलमान आतंकवादी नहीं है पर आतंकवादियों के हिमायती ज़रूर है ओसामा और सद्दाम को अपना बाप मानते है !

  4. >दूध के धुले बेचारे मुसलमान, धरती पर जिस जिस देश में है, सुख चैन हराम कर रक्खा है,फतवा फतवा चिल्लाते है पर आतंकवाद ओसामा और मुल्ला उमर के खिलाफ फटती है फतवा जारी करने में ?इस्लाम की अस्मत चाहते हो तो पहले खुद लड़ो इस्लाम के नाम पर आतंक फैलाने वालो से फिर बात करना !नहीं तो हमेशा दुनिया को लगता रहेगा की ..सारे मुसलमान आतंकवादी नहीं है पर आतंकवादियों के हिमायती ज़रूर है ओसामा और सद्दाम को अपना बाप मानते है !

  5. mehta says:

    >umda soch …..wow sher hindu kya point mara hai cha gya bos

  6. a.u.siddiqui says:

    >umada soch tum naam badal loya fir umda sochna shuro karoaur dono aankhen khol kar sach ko dekhoaur ho sake to samjho

  7. A.U.SIDDIQUI says:

    >umada soch tum naam badal loya fir umda sochna shuro karoaur dono aankhen khol kar sach ko dekhoaur ho sake to samjho

  8. >a.u.siddiqui ji आप को अपने गुह की दुर्गन्ध नहीं आती ?हम कैसे मान ले आप को जो गणपति पूजा पर आप सलीम साहब पर तो फतवा जारी करते हो पर ट्रेन ब्लास्ट करने वालो पे नहीं !देश में धमाके होते है आप घर में जश्न मनाते हो !

  9. >a.u.siddiqui ji आप को अपने गुह की दुर्गन्ध नहीं आती ?हम कैसे मान ले आप को जो गणपति पूजा पर आप सलीम साहब पर तो फतवा जारी करते हो पर ट्रेन ब्लास्ट करने वालो पे नहीं !देश में धमाके होते है आप घर में जश्न मनाते हो !

  10. a.u.siddiqui says:

    >umda soch jiaap agar ye sochte hen ki aatankwad ke jimmedarsirf musalman hento main aap ki soch ko umda nahin keh saktarss, bajrang dal, aur na jane kitne hi ayese daljinke tar ek hi jagah se jude hen jag zahir he,kya kar rahe hen aap ko kya nahin maloom.agar nahin maloom to maloom karen.rss ka hathiyaron ke saath sadkon pe march karnakya ssabit karna chahta he.zara zara si baat par bajrang dal ke karykartaon ka jama ho kar hurdasng karna logon ke saath marpeet karna ,shiv sena ka kisi jagah tod phod karna ,dusre pradesh aur bhasha ke naam par gareeb taxi walon ko marna aur unki taxion ko tod phod dena,malegaon kke bomb blast,ajmer sharif ke bomb blast,gujrat me dharm ke naam par mar kaat,modi ko khush karne ke liye farzi incounter,aur na jane kitne udahrad hen jo shayad aap ki umda soch se door hen,aur ek baat aur bataon ki na jane kite non-muslim kashmir me muslim namon ke sath aatank macha rae hen.aatank aatank he ise samjhenamerica men hua 9/11 bhi asal men khud americanki hi kartoot he mere paas ek documantry he jisme ye sabit hota he.aur ye docu. INDIA NEWS par bhi dikhai ja chuki he aur aap sirf ek tarfa soch me hi lage huye hen .meri aap se ye guzarish he ki sachchai se munh na moden aur musalmano ko laden ya saddam ke tane na den kyonki agar aap ab bhi na jae to kahin der na ho jaye.Hamara mazhab hame sikhta he ki DUNIYA KA HAR INSAN TUMHARA BHAI HE , TO MERE BHAI UMDA SOCHEN.

  11. A.U.SIDDIQUI says:

    >umda soch jiaap agar ye sochte hen ki aatankwad ke jimmedarsirf musalman hento main aap ki soch ko umda nahin keh saktarss, bajrang dal, aur na jane kitne hi ayese daljinke tar ek hi jagah se jude hen jag zahir he,kya kar rahe hen aap ko kya nahin maloom.agar nahin maloom to maloom karen.rss ka hathiyaron ke saath sadkon pe march karnakya ssabit karna chahta he.zara zara si baat par bajrang dal ke karykartaon ka jama ho kar hurdasng karna logon ke saath marpeet karna ,shiv sena ka kisi jagah tod phod karna ,dusre pradesh aur bhasha ke naam par gareeb taxi walon ko marna aur unki taxion ko tod phod dena,malegaon kke bomb blast,ajmer sharif ke bomb blast,gujrat me dharm ke naam par mar kaat,modi ko khush karne ke liye farzi incounter,aur na jane kitne udahrad hen jo shayad aap ki umda soch se door hen,aur ek baat aur bataon ki na jane kite non-muslim kashmir me muslim namon ke sath aatank macha rae hen.aatank aatank he ise samjhenamerica men hua 9/11 bhi asal men khud americanki hi kartoot he mere paas ek documantry he jisme ye sabit hota he.aur ye docu. INDIA NEWS par bhi dikhai ja chuki he aur aap sirf ek tarfa soch me hi lage huye hen .meri aap se ye guzarish he ki sachchai se munh na moden aur musalmano ko laden ya saddam ke tane na den kyonki agar aap ab bhi na jae to kahin der na ho jaye.Hamara mazhab hame sikhta he ki DUNIYA KA HAR INSAN TUMHARA BHAI HE , TO MERE BHAI UMDA SOCHEN.

  12. >सलीम खान तुम एक पागल मनोरोगी बाल बलात्कारी द्वारा चलाए कबाइली मज़हब को छोड़ कर अरब का पुराना धर्म ज्यूडिस्म अपना लो या मुश्रीक बन जाओ या मेरी तरह नास्तिक हो जाओ. क्या धरा है एक सिजोफ्रेनिक-पीडोफाइल मनोरोगी की किताब को अंतिम सत्य मानाने में और फालतू टाइम खोटी करने में. क्यों?—————————————कैरान्वी, सिद्दीकी और खुर्शीद सूअर को छोड़ कर खुद ब्लॉग जगत के मुस्लिम साथी तुम्हारे ब्लॉग पर थूकने भी नहीं आते (जहाँ इतनी गंद फैला रखी हो की थूकने में भी घिन आये वहां कोई कोई नाज़ुक दिल वाला क्यों कमेन्ट करेगा?)हाँ खुर्शीद नाम के सूअर ने जो गंद-रेचन (दस्त) किया था उसके विरोध में ज़रूर बोले थे.

  13. >सलीम खान तुम एक पागल मनोरोगी बाल बलात्कारी द्वारा चलाए कबाइली मज़हब को छोड़ कर अरब का पुराना धर्म ज्यूडिस्म अपना लो या मुश्रीक बन जाओ या मेरी तरह नास्तिक हो जाओ. क्या धरा है एक सिजोफ्रेनिक-पीडोफाइल मनोरोगी की किताब को अंतिम सत्य मानाने में और फालतू टाइम खोटी करने में. क्यों?—————————————कैरान्वी, सिद्दीकी और खुर्शीद सूअर को छोड़ कर खुद ब्लॉग जगत के मुस्लिम साथी तुम्हारे ब्लॉग पर थूकने भी नहीं आते (जहाँ इतनी गंद फैला रखी हो की थूकने में भी घिन आये वहां कोई कोई नाज़ुक दिल वाला क्यों कमेन्ट करेगा?)हाँ खुर्शीद नाम के सूअर ने जो गंद-रेचन (दस्त) किया था उसके विरोध में ज़रूर बोले थे.

  14. >a.u.siddiqui साहब आप की भावना की क़द्र है हमें ,मै शुरू से यही समझा रहा हूँ की अपने धर्म मज़हब की अच्छी अच्छी बाते ब्लॉग पे लिखो ,मुसलमान हो तो कुरान के बारे में बताओ, हम कब जानना नहीं चाहते ? पर जब ये कहोगे की वेद गलत है और कुरान सही तो बोलो हमें कैसे मंज़ूर होगा ?तुम एक गलत बोलो तो जवाब में हज़ार गलत तो सुनना ही पडेगा न !बात करे फर्जी मुठभेड़ की तो साहब वो ही पुलिस प्रज्ञा को पकडे तो आप को इमानदार लगते है यानी आप तथ्य न मान कर अपना हित साधते हो ! गलत को गलत कहो, आप बोलोगे दुनिया में एक भी मुसलमान नहीं है जो घटियाइ में शामिल है तो आप भी उनकी वकालत कर उनमे शामिल हो रहे हो !इस्लाम के नाम पर जो आतंक फैलाते है इस्लामिक धर्म गुरुओ की ये आला ज़िम्मेदारी बनती है के उनके खिलाफ वो तुंरत फतवा जारी करे जैसे सलमान रुश्दी के लिए किया था क्यों की वे भी मुसलमान हो कर इस्लाम को बदनाम कर रहे है ! देखिये जहा तक बात है बजरंग दल ,आर एस एस ,शिवसेना का ये राजनैतिक पार्टिया है सनातन धर्म इसके लिए जिम्मेदार नहीं है ,बताइए किस मंदिर में आज तक आर डी एक्स बरामद हुआ है ? अब बताये सिमी क्या है ? आप कहेंगे भोले भाले बच्चे है बेचारे ,दीपावली दशेहरा सा उनका भी मन करता है तो थोडा आर डी एक्स वागेहरा फोड़ लेते है हज़ार पाच सौ के क्या वे तो यु ही मरते है !जहा तक बात है दंगो की,आज़ादी के बाद से देश में दंगे होते रहे है ,दंगाई को पि ए सी काबू में लाती थी तो उस पूरी कॉम को पि ए सी से नफरत थी !अब बात करे गुजरात दंगो की ,मानता हूँ मुसलमानों का दमन हुआ है पर आज़ादी के बाद हुए सैकडो दंगो में से ये पहली बार हुआ और आज गुजरात दंगो के बाद इतने साल होगये इसका असर देखिये की देश में कही दंगे नहीं हुए,आगरा,अलीगढ मेरठ के दंगो के बारे में तो जानते ही होंगे ,जब आप सब जानते है तो !मै बहुत गुजरात घूमा मुसलमानों से मिला,सब मोदी की तारीफ़ करते नहीं थकते मोदी ने मुसलमानों का क़द्र करते हुए ही तो गुजरात में शराब को हराम फरमाया ! मुलायम ने मुख्यमंत्री रहते यु पि में किया आप के लिए ऐसा नहीं ना ? ,और आप कहते हो की ……

  15. >a.u.siddiqui साहब आप की भावना की क़द्र है हमें ,मै शुरू से यही समझा रहा हूँ की अपने धर्म मज़हब की अच्छी अच्छी बाते ब्लॉग पे लिखो ,मुसलमान हो तो कुरान के बारे में बताओ, हम कब जानना नहीं चाहते ? पर जब ये कहोगे की वेद गलत है और कुरान सही तो बोलो हमें कैसे मंज़ूर होगा ?तुम एक गलत बोलो तो जवाब में हज़ार गलत तो सुनना ही पडेगा न !बात करे फर्जी मुठभेड़ की तो साहब वो ही पुलिस प्रज्ञा को पकडे तो आप को इमानदार लगते है यानी आप तथ्य न मान कर अपना हित साधते हो ! गलत को गलत कहो, आप बोलोगे दुनिया में एक भी मुसलमान नहीं है जो घटियाइ में शामिल है तो आप भी उनकी वकालत कर उनमे शामिल हो रहे हो !इस्लाम के नाम पर जो आतंक फैलाते है इस्लामिक धर्म गुरुओ की ये आला ज़िम्मेदारी बनती है के उनके खिलाफ वो तुंरत फतवा जारी करे जैसे सलमान रुश्दी के लिए किया था क्यों की वे भी मुसलमान हो कर इस्लाम को बदनाम कर रहे है ! देखिये जहा तक बात है बजरंग दल ,आर एस एस ,शिवसेना का ये राजनैतिक पार्टिया है सनातन धर्म इसके लिए जिम्मेदार नहीं है ,बताइए किस मंदिर में आज तक आर डी एक्स बरामद हुआ है ? अब बताये सिमी क्या है ? आप कहेंगे भोले भाले बच्चे है बेचारे ,दीपावली दशेहरा सा उनका भी मन करता है तो थोडा आर डी एक्स वागेहरा फोड़ लेते है हज़ार पाच सौ के क्या वे तो यु ही मरते है !जहा तक बात है दंगो की,आज़ादी के बाद से देश में दंगे होते रहे है ,दंगाई को पि ए सी काबू में लाती थी तो उस पूरी कॉम को पि ए सी से नफरत थी !अब बात करे गुजरात दंगो की ,मानता हूँ मुसलमानों का दमन हुआ है पर आज़ादी के बाद हुए सैकडो दंगो में से ये पहली बार हुआ और आज गुजरात दंगो के बाद इतने साल होगये इसका असर देखिये की देश में कही दंगे नहीं हुए,आगरा,अलीगढ मेरठ के दंगो के बारे में तो जानते ही होंगे ,जब आप सब जानते है तो !मै बहुत गुजरात घूमा मुसलमानों से मिला,सब मोदी की तारीफ़ करते नहीं थकते मोदी ने मुसलमानों का क़द्र करते हुए ही तो गुजरात में शराब को हराम फरमाया ! मुलायम ने मुख्यमंत्री रहते यु पि में किया आप के लिए ऐसा नहीं ना ? ,और आप कहते हो की ……

  16. Anonymous says:

    >Janab achchi sochpareshani ye he ki agar Qur'an ki baat ki jayeto logon ko lagta he ki dharm prachar ho raha heaur agar vedon ki baat ki jaye to logon ko lagtahe ki hamare dharam me tang adai ja rahi he.rahi baten sunne ki baatto har aadmi sach ko pacha nahin paata.A.U.SIDDIQUIaur farzi incounter ki baat karen toaap ko ye sochna chahiye ki police ek murderkar rahi he aur kanooni tareeke sekal ye kisi ke saath ho sakta he kya aap kisi koayesa karne ki ijazat deten hen.isme hit kya aap ko sirf musalmano ka lagta heab baat karte hen islam ke ULMAON Yani ke shariyat ke jankaron kiaap ne baat ki FATWON kiFATWA kya he aap shayad achchi tarah nahin jante"agar insan kisi mamle men ya kisi aysi uljhan men pad jaye ki use maloom na ho ki ISLAM men is mamle ke bare me kya kaha gaya he to wo ULMAON ke paas jata he aur us masle ka jo islamic hal hota he usko FATWA kaha jata he.jab mamla saaf ho sidha samajh me aaraha ho auraap jante hon ki islam ka is bare me kya kehna he to aap ko FATWE ki Zarorat nahin hoti.AUR QUR'AN KEHTA HE KI "AGAR TUM NE KISI INSAN KO BEWAJAH QATL KIYA TO SAMAJH LO TUMNE PURI INSANIYAT KO QATL KAR DIYA"MARKAT MACHANE KA HUQ ISLAM KISI KO NAHIN DETAAUR JO BEWAH KHOON BAHATE HEN WO MUSALMAN TO KYAINSAN KEHLANE KE BHI QABIL NAHNI.LEKIN AGAR KOI EK INSAN GALTI KARE TO KYA AAP USKE PURE GHAR KO SAZA DENE ME YAQEEN RAKHTE HEN, ISLIYE JO GALTI KARE USKE BARE ME KAHEN USKI DARAM KO KOSNE KA KISI KO KOI HAQ NAHI.(JESA KI AAP NE SANATAN DHARM KA ZIKR KIYA)AAP KI SABSE PEHELE COMMENT KI PAHLI LAIN BHI PAD KAR DEKHEN JO AAP KI DURE COMMENT SE MILTI HI NAHIN KARTI1."दूध के धुले बेचारे मुसलमान, धरती पर जिस जिस देश में है, सुख चैन हराम कर रक्खा है,2."देखिये जहा तक बात है बजरंग दल ,आर एस एस ,शिवसेना का ये राजनैतिक पार्टिया है सनातन धर्म इसके लिए जिम्मेदार नहीं है ,बताइए किस मंदिर में आज तक आर डी एक्स बरामद हुआ है ?"AAP KI YE DO TARFA SOCH NAHIN HE TO KYA HE.AB BAAT KAREN GUJRAT KITO MERE BHAI WAHAN DANGON MEN NAGAR PALIKA KISUCHI KE SAATH EK EK GHAR KI PEHCHAN KARNE KI SAHOOLIYAT KISNE DI.Mr. MODI NE YE BAYAN BHI NAHIN DIYA KI MUSALMANO KI QADAR KARTE HUYE UNHONNE SHARAB KO HARAM FARMAYA. YE VIDEO BHI DEKHEN.http://www.youtube.com/watch?v=eFW-H7CynucMAIN ALLAH SE DUA KARONGA KI AAP KO IMAN KI SACHI DAULAT SE NAWAZE.

  17. Anonymous says:

    >Janab achchi sochpareshani ye he ki agar Qur'an ki baat ki jayeto logon ko lagta he ki dharm prachar ho raha heaur agar vedon ki baat ki jaye to logon ko lagtahe ki hamare dharam me tang adai ja rahi he.rahi baten sunne ki baatto har aadmi sach ko pacha nahin paata.A.U.SIDDIQUIaur farzi incounter ki baat karen toaap ko ye sochna chahiye ki police ek murderkar rahi he aur kanooni tareeke sekal ye kisi ke saath ho sakta he kya aap kisi koayesa karne ki ijazat deten hen.isme hit kya aap ko sirf musalmano ka lagta heab baat karte hen islam ke ULMAON Yani ke shariyat ke jankaron kiaap ne baat ki FATWON kiFATWA kya he aap shayad achchi tarah nahin jante"agar insan kisi mamle men ya kisi aysi uljhan men pad jaye ki use maloom na ho ki ISLAM men is mamle ke bare me kya kaha gaya he to wo ULMAON ke paas jata he aur us masle ka jo islamic hal hota he usko FATWA kaha jata he.jab mamla saaf ho sidha samajh me aaraha ho auraap jante hon ki islam ka is bare me kya kehna he to aap ko FATWE ki Zarorat nahin hoti.AUR QUR'AN KEHTA HE KI "AGAR TUM NE KISI INSAN KO BEWAJAH QATL KIYA TO SAMAJH LO TUMNE PURI INSANIYAT KO QATL KAR DIYA"MARKAT MACHANE KA HUQ ISLAM KISI KO NAHIN DETAAUR JO BEWAH KHOON BAHATE HEN WO MUSALMAN TO KYAINSAN KEHLANE KE BHI QABIL NAHNI.LEKIN AGAR KOI EK INSAN GALTI KARE TO KYA AAP USKE PURE GHAR KO SAZA DENE ME YAQEEN RAKHTE HEN, ISLIYE JO GALTI KARE USKE BARE ME KAHEN USKI DARAM KO KOSNE KA KISI KO KOI HAQ NAHI.(JESA KI AAP NE SANATAN DHARM KA ZIKR KIYA)AAP KI SABSE PEHELE COMMENT KI PAHLI LAIN BHI PAD KAR DEKHEN JO AAP KI DURE COMMENT SE MILTI HI NAHIN KARTI1."दूध के धुले बेचारे मुसलमान, धरती पर जिस जिस देश में है, सुख चैन हराम कर रक्खा है,2."देखिये जहा तक बात है बजरंग दल ,आर एस एस ,शिवसेना का ये राजनैतिक पार्टिया है सनातन धर्म इसके लिए जिम्मेदार नहीं है ,बताइए किस मंदिर में आज तक आर डी एक्स बरामद हुआ है ?"AAP KI YE DO TARFA SOCH NAHIN HE TO KYA HE.AB BAAT KAREN GUJRAT KITO MERE BHAI WAHAN DANGON MEN NAGAR PALIKA KISUCHI KE SAATH EK EK GHAR KI PEHCHAN KARNE KI SAHOOLIYAT KISNE DI.Mr. MODI NE YE BAYAN BHI NAHIN DIYA KI MUSALMANO KI QADAR KARTE HUYE UNHONNE SHARAB KO HARAM FARMAYA. YE VIDEO BHI DEKHEN.http://www.youtube.com/watch?v=eFW-H7CynucMAIN ALLAH SE DUA KARONGA KI AAP KO IMAN KI SACHI DAULAT SE NAWAZE.

  18. >A.U.SIDDIQUI जी धर्म कोई बुरा नहीं है अपनी अपनी मान्यता है आप का दोस्त सलीम खान हमें ऐसा करने को मजबूर करता है उसे वेदों से क्या लेना हमें कुरआन के क्या . काफी मर्तबा कहा है उसे की.आलोचना ना कर के अच्छी अच्छी बाते बताओ ! पर जब वो ऊँगली करता है तो हम भी मजबूरन डंडा करना पड़ता है ! इतने बार लिखा मैंने पर उसे कोई फरक नहीं पड़ा,आज तक मैंने इस्लाम के बारे में न बुरा सोचा था न बोला था पर सलीम खान ने मजबूर किया ,अब बताईये ये सलीम क्या इस्लाम को नुक्सान नहीं पहुचा रहा?आप इसे बिरादरी से बेदखल कर दो ,इसकी बात पर अबतक कोई मुसलमान नहीं बना उल्टे इसने मजबूर किया है लोगो को इस्लाम को बुरा बोलने पर,लिहाजा ये आप का गुनाहगार पहले है !

  19. >A.U.SIDDIQUI जी धर्म कोई बुरा नहीं है अपनी अपनी मान्यता है आप का दोस्त सलीम खान हमें ऐसा करने को मजबूर करता है उसे वेदों से क्या लेना हमें कुरआन के क्या . काफी मर्तबा कहा है उसे की.आलोचना ना कर के अच्छी अच्छी बाते बताओ ! पर जब वो ऊँगली करता है तो हम भी मजबूरन डंडा करना पड़ता है ! इतने बार लिखा मैंने पर उसे कोई फरक नहीं पड़ा,आज तक मैंने इस्लाम के बारे में न बुरा सोचा था न बोला था पर सलीम खान ने मजबूर किया ,अब बताईये ये सलीम क्या इस्लाम को नुक्सान नहीं पहुचा रहा?आप इसे बिरादरी से बेदखल कर दो ,इसकी बात पर अबतक कोई मुसलमान नहीं बना उल्टे इसने मजबूर किया है लोगो को इस्लाम को बुरा बोलने पर,लिहाजा ये आप का गुनाहगार पहले है !

  20. Anonymous says:

    >उम्दा सोच जीआप की सलीम भाई के बारे मैं जो सोच हैमुझे उससे कोई एतराज़ नहीं , अगर आप को उनकी कोई बात ग़लत लगती है तो आप उनसे सीधे सवाल करेंऔर उनसे जवाब मांगें और मुझे उनसे उम्मीद है कि वो तस्दीक़ के साथ जवाब देंगे ।एतराज़ आपकी इस बात से था कि आप इस्लाम को और सारे मुसल्मानों को बुरा कह रहे थे,आप से मैं इतना अर्ज़ करूंगा कि कुरआन सिर्फ़ मुसल्मानो के लिये नहीं है अगर आप का दिल चाहे तो हिन्दी मैं कुरआन ले कर ज़रूर पढ़ें ।लेकिन सच की तलाश की नियत कर के और अपने दिल से हर बुराई को दूर करके, आप को हर सवाल का जवाब मिल जायेगा ।और अगर आप को कोई भी दिक्कत हो तो जो भी आप मदद चाहें आप का ये भाई जहां तक हो सके आप की मदद को तैयार है ।मैं आप के लिये दुआ करता रहूंगा ।आपका शुभचिन्तक भाईA.U.SIDDIQUI

  21. Anonymous says:

    >उम्दा सोच जीआप की सलीम भाई के बारे मैं जो सोच हैमुझे उससे कोई एतराज़ नहीं , अगर आप को उनकी कोई बात ग़लत लगती है तो आप उनसे सीधे सवाल करेंऔर उनसे जवाब मांगें और मुझे उनसे उम्मीद है कि वो तस्दीक़ के साथ जवाब देंगे ।एतराज़ आपकी इस बात से था कि आप इस्लाम को और सारे मुसल्मानों को बुरा कह रहे थे,आप से मैं इतना अर्ज़ करूंगा कि कुरआन सिर्फ़ मुसल्मानो के लिये नहीं है अगर आप का दिल चाहे तो हिन्दी मैं कुरआन ले कर ज़रूर पढ़ें ।लेकिन सच की तलाश की नियत कर के और अपने दिल से हर बुराई को दूर करके, आप को हर सवाल का जवाब मिल जायेगा ।और अगर आप को कोई भी दिक्कत हो तो जो भी आप मदद चाहें आप का ये भाई जहां तक हो सके आप की मदद को तैयार है ।मैं आप के लिये दुआ करता रहूंगा ।आपका शुभचिन्तक भाईA.U.SIDDIQUI

  22. >भाईA.U.SIDDIQUI आप की बात सुन कर अच्छा लगा, भाई मै दुनिया के किसी धर्मग्रन्थ को पुख्ता नहीं मानता क्योकि सब छेत्रिय आवश्यकता को ध्यान में रख कर बने थे और आज स्थिति भिन्न है ! किसी भी मज़हब का लकीर का फ़कीर होना घातक है , मै आज जीने के लिए धार्मिक होना ज़रूरी नहीं मानता हूँ ! हां एकजुट होना ज़रूर ज़रूरी मानता हूँ !एक बात और… ,महाभारत में गीता का उपदेश देते हुए श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था "संघे शक्ति कल्युगे " उनकी इस बात का मुहम्मद साहब ने बहुत अच्छे से पालन किया ,फलस्वरूप निर्बाध खाड़ी में इस्लाम का प्रभुत्त्व कायम हुआ !सनातन से सबने सीख ली है,ये हम हिन्दुओ के लिए मिसाल है !

  23. >भाईA.U.SIDDIQUI आप की बात सुन कर अच्छा लगा, भाई मै दुनिया के किसी धर्मग्रन्थ को पुख्ता नहीं मानता क्योकि सब छेत्रिय आवश्यकता को ध्यान में रख कर बने थे और आज स्थिति भिन्न है ! किसी भी मज़हब का लकीर का फ़कीर होना घातक है , मै आज जीने के लिए धार्मिक होना ज़रूरी नहीं मानता हूँ ! हां एकजुट होना ज़रूर ज़रूरी मानता हूँ !एक बात और… ,महाभारत में गीता का उपदेश देते हुए श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था "संघे शक्ति कल्युगे " उनकी इस बात का मुहम्मद साहब ने बहुत अच्छे से पालन किया ,फलस्वरूप निर्बाध खाड़ी में इस्लाम का प्रभुत्त्व कायम हुआ !सनातन से सबने सीख ली है,ये हम हिन्दुओ के लिए मिसाल है !

  24. a.u.siddiqui says:

    >उम्दा सोच जीआप दुनिया के किसी धर्म ग्रंथ को पुख़्ता नहीं मानते फिर भी आप गीता का उदाहरण दे रहे है|और ये अच्छी बात है कि आप नास्तिक नहीं हैं , कुरआन सारी दुनिया के लिये है जो चाहे उसे पढे और उससे हिदायत हासिल करे ।रही बात किसी भी धर्म ग्रंथ के पुख़्ता होने की तो मैं आपको ये यक़ीन के साथ कहता हूं|की कुरआन पुख़्ता है , परिपूर्ण है आप इसे पढ़ें और समझेंफिर अंतिम फैसला आप का ही है , कि इसे माने या न मानेंअल्लाह और कुरआन कोई छेत्रीय या जातिय भेद नहीं रखता अल्लाह फ़रमाता है कि दुनिया मैं सारे इंसान भाई भाई हैं|आप के लिये जन्न्त की दुआ के साथ आपका भाईA.U.SIDDIQUI

  25. A.U.SIDDIQUI says:

    >उम्दा सोच जीआप दुनिया के किसी धर्म ग्रंथ को पुख़्ता नहीं मानते फिर भी आप गीता का उदाहरण दे रहे है|और ये अच्छी बात है कि आप नास्तिक नहीं हैं , कुरआन सारी दुनिया के लिये है जो चाहे उसे पढे और उससे हिदायत हासिल करे ।रही बात किसी भी धर्म ग्रंथ के पुख़्ता होने की तो मैं आपको ये यक़ीन के साथ कहता हूं|की कुरआन पुख़्ता है , परिपूर्ण है आप इसे पढ़ें और समझेंफिर अंतिम फैसला आप का ही है , कि इसे माने या न मानेंअल्लाह और कुरआन कोई छेत्रीय या जातिय भेद नहीं रखता अल्लाह फ़रमाता है कि दुनिया मैं सारे इंसान भाई भाई हैं|आप के लिये जन्न्त की दुआ के साथ आपका भाईA.U.SIDDIQUI

  26. >भाई A.U.SIDDIQUI जी मैंने कहा पुख्ता नहीं मानता ये कभी नहीं कहा की अस्तित्वविहीन है !जहा तक नास्तिक का सवाल है- हां मै नास्तिक नहीं हूँ पर ना राजा रवि वर्मा के बनाए चित्रों का आराधक हूँ और ना ही मुहम्मद ,इसा,बुद्ध और नानक के बताये किताबो को पूजता हूँ ! इंसान को इंसान की नज़र से देखता हूँ जो जिस भाषा में बोलता है कोशिस उसे उसी तरह समझाने की करता हूँ !आप के भावना की कद्र करते हुए मै आप से निवेदन कर इस विषय पर कुछ अपनी अज्ञानता दूर करना चाहता हूँ !बताइये कुरआन में कहा पर मै पढ़ सकता हूँ जहा लिखा है धरती गोल है और धरती समेत नौ गृह सूर्य के चक्कर लगाते है और हमारी आकाश गंगा का क्या नाम है और सूर्य की दूरी पृथ्वी से कितनी है ?अल्लाह ने कहा है "तागैयल खल्द उलाह " यानी अल्लाह की बनावट से छेड़ छाड़ नहीं करनी चाहिए,तो ज़रा मेरी दुविधा दूर करने के लिए बताइये औरते जो नाक कान छेदवाती है और खतना करना क्या अल्लाह की बनावट से छेड़ छाड़ नहीं है ?क़यामत के दिन मुर्दे जिंदा होंगे और अपनी कब्रों से बाहर आ जाएंगे क्या ऐसा होगा ? होगा तो कब होगा ? जिनपर रोज़ क़यामत होती है सुपरमैन की तरह आ कर कोई उन्हें क्यों नहीं बचाता ? और उन कब्रों का क्या होगा जिन्हें पहले चीटियाँ खा गई और फिर बुलडोज़र ने उखाड़ कर बहुमंज़ली इमारत उस जगह खड़ी कर दी या तालाब बना दिया,वो रूहे अब कहा से निकलनी है ?

  27. >भाई A.U.SIDDIQUI जी मैंने कहा पुख्ता नहीं मानता ये कभी नहीं कहा की अस्तित्वविहीन है !जहा तक नास्तिक का सवाल है- हां मै नास्तिक नहीं हूँ पर ना राजा रवि वर्मा के बनाए चित्रों का आराधक हूँ और ना ही मुहम्मद ,इसा,बुद्ध और नानक के बताये किताबो को पूजता हूँ ! इंसान को इंसान की नज़र से देखता हूँ जो जिस भाषा में बोलता है कोशिस उसे उसी तरह समझाने की करता हूँ !आप के भावना की कद्र करते हुए मै आप से निवेदन कर इस विषय पर कुछ अपनी अज्ञानता दूर करना चाहता हूँ !बताइये कुरआन में कहा पर मै पढ़ सकता हूँ जहा लिखा है धरती गोल है और धरती समेत नौ गृह सूर्य के चक्कर लगाते है और हमारी आकाश गंगा का क्या नाम है और सूर्य की दूरी पृथ्वी से कितनी है ?अल्लाह ने कहा है "तागैयल खल्द उलाह " यानी अल्लाह की बनावट से छेड़ छाड़ नहीं करनी चाहिए,तो ज़रा मेरी दुविधा दूर करने के लिए बताइये औरते जो नाक कान छेदवाती है और खतना करना क्या अल्लाह की बनावट से छेड़ छाड़ नहीं है ?क़यामत के दिन मुर्दे जिंदा होंगे और अपनी कब्रों से बाहर आ जाएंगे क्या ऐसा होगा ? होगा तो कब होगा ? जिनपर रोज़ क़यामत होती है सुपरमैन की तरह आ कर कोई उन्हें क्यों नहीं बचाता ? और उन कब्रों का क्या होगा जिन्हें पहले चीटियाँ खा गई और फिर बुलडोज़र ने उखाड़ कर बहुमंज़ली इमारत उस जगह खड़ी कर दी या तालाब बना दिया,वो रूहे अब कहा से निकलनी है ?

  28. a.u.siddiqui says:

    >उम्दा सोच जीक़ुरआन scince की किताब नहीं है , क़ुरआन signs की किताब है , अल्लाह की हिदायत की किताब हैअल्लाह को कैसे पहचाना जाये , अल्लाह अपने बंदो से क्या चाहता है ,वो हम से कैसे राज़ी होगा , हमे किन बुराईयों से बचना है, हमको किन अच्छाइयों को अपनाना है ।फिर भी आप को क़ुरआन में साइन्स के तथ्य मिलेंगे ,आपने मुझ से तीन सवाल किये , मुझे आपको जवाब भेज रहा हूं ।1: सूर: नाज़ियात 79 : 30" वल अर्द बादिका दहाहा " प्रथ्वी को अंडे की तरह बनायाआप ये जानते होंगे की हमारी प्रथ्वी पूरी तरह से गोल नहीं है थोड़ी सी चपटी हैइस छोटी सी आयत मैं बहुत कुछ छुपा है ये हमारी समझ के उपर है कि हम कितना समझ पाते हैं2:ख़तना सुन्न्ते इब्राहीम है,ख़तना से एड्स जैसी बीमारियों के चांस ५०% कम हो जाते है और कई बीमारियों मै डाक्टर इस की सलाह देते हैऔरतों का नाक कान छेदना भी उन्हीं के ज़माने से शुरू हुआ सबसे पहले हज़रत इब्राहीम अ.स. की अहल्या ( बीवी )ने नाक कान छेदॆ , और औरतों की खूबसूरती बड़ाने के लिये कारगर हैं ।ये सुन्नत ऎसी हैं जिसमे जान का ख़तरा नहीं है , और एक तरह से क़ुर्बानी के बराबर हैं । 3:कयामत के दिन मुर्दे ज़िदा होंगे जब क़यामत आयेगी तो इस दुनिया मैं कोई बिल्डिंग कोई मकान कुछ नहीं बचेगा यहां तक की पहाड़ भी ज़र्रा ज़र्रा हो कर मिट्टी मैं मिल जायेंगे , और जिसने हमें बनाया है उसको हमें उढाने से कोन रोकने वाला है, मिट्टी से बने इन जिस्मों को फिर से बना कर उसमें उसकी रूह को डालना उसके लिये कहां मुश्किल है ।उम्मीद है कि आप मेरे जवाब से मुत्मईन होंगेआपके लिये दुआ करने वाला एक भाईA.U.SIDDIQUI

  29. A.U.SIDDIQUI says:

    >उम्दा सोच जीक़ुरआन scince की किताब नहीं है , क़ुरआन signs की किताब है , अल्लाह की हिदायत की किताब हैअल्लाह को कैसे पहचाना जाये , अल्लाह अपने बंदो से क्या चाहता है ,वो हम से कैसे राज़ी होगा , हमे किन बुराईयों से बचना है, हमको किन अच्छाइयों को अपनाना है ।फिर भी आप को क़ुरआन में साइन्स के तथ्य मिलेंगे ,आपने मुझ से तीन सवाल किये , मुझे आपको जवाब भेज रहा हूं ।1: सूर: नाज़ियात 79 : 30" वल अर्द बादिका दहाहा " प्रथ्वी को अंडे की तरह बनायाआप ये जानते होंगे की हमारी प्रथ्वी पूरी तरह से गोल नहीं है थोड़ी सी चपटी हैइस छोटी सी आयत मैं बहुत कुछ छुपा है ये हमारी समझ के उपर है कि हम कितना समझ पाते हैं2:ख़तना सुन्न्ते इब्राहीम है,ख़तना से एड्स जैसी बीमारियों के चांस ५०% कम हो जाते है और कई बीमारियों मै डाक्टर इस की सलाह देते हैऔरतों का नाक कान छेदना भी उन्हीं के ज़माने से शुरू हुआ सबसे पहले हज़रत इब्राहीम अ.स. की अहल्या ( बीवी )ने नाक कान छेदॆ , और औरतों की खूबसूरती बड़ाने के लिये कारगर हैं ।ये सुन्नत ऎसी हैं जिसमे जान का ख़तरा नहीं है , और एक तरह से क़ुर्बानी के बराबर हैं । 3:कयामत के दिन मुर्दे ज़िदा होंगे जब क़यामत आयेगी तो इस दुनिया मैं कोई बिल्डिंग कोई मकान कुछ नहीं बचेगा यहां तक की पहाड़ भी ज़र्रा ज़र्रा हो कर मिट्टी मैं मिल जायेंगे , और जिसने हमें बनाया है उसको हमें उढाने से कोन रोकने वाला है, मिट्टी से बने इन जिस्मों को फिर से बना कर उसमें उसकी रूह को डालना उसके लिये कहां मुश्किल है ।उम्मीद है कि आप मेरे जवाब से मुत्मईन होंगेआपके लिये दुआ करने वाला एक भाईA.U.SIDDIQUI

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