स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़

Icon

सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>कोई आरज़ू नहीं और ज़िन्दगी में…(No desire in life now) presented by Saleem Khan

>

तन्हा मैं ज़िन्दगी बिताऊं कैसे
तेरी याद दिल से मिटा दूँ कैसे

कोई आरज़ू नहीं और ज़िन्दगी में
सिर्फ़ यही की तुझे अपना बनाऊं कैसे

तू नहीं हो सकती मेरी ये मैं जानता हूँ
पर दिल-ऐ-नादाँ को ये समझाऊं कैसे

ज़ख्म दे रहे हैं मेरे दिल के तुझे दुआ
तुझे ख़ुशी मिले और मैं न मुस्कुराऊं कैसे

ख़त्म न हो इस दिल की कहानी क़यामत तक
पर तू न हुई मेरी ये मैं सबको बताऊँ कैसे

रह गया प्यासा मैं तेरी मोहब्बत का
इस दिल की प्यास बढ़ गयी है बुझाऊं कैसे

ज़िन्दगी दी खुदा ने और दे दी तेरी आरज़ू
अब इस आरज़ू को मैं दिल से मिटाऊं कैसे

ज़िन्दगी मिली है तो मोहब्बत ही कर लूं
बिन तेरी मोहब्बत के दुनियाँ से चला जाऊँ कैसे

इंतज़ार करूँगा तेर इक़रार का उस जहाँ में भी
मर कर तू ही बता तुझे भूल जाऊं कैसे

Filed under: ज़िन्दगी की आरज़ू, ज़िन्दगी की आरज़ू, मेरी ग़ज़ल

9 Responses

  1. Khursheed says:

    >आपका एक रंग यह भी है, सोचा न था. पहली बार आया हूँ इस ब्लॉग पर. क्या बात है! ग्रेट. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति.

  2. Alim Azmi says:

    >बहुत खुबसूरत. आपको फ़ोन किया था आपने अटेंड नहीं किया. प्लीज़ कॉल में

  3. Ragini says:

    >ज़िन्दगी दी खुदा ने और दे दी तेरी आरज़ूअब इस आरज़ू को मैं दिल से मिटाऊं कैसेsundar bhaav

  4. आमीन says:

    >ज़ख्म दे रहे हैं मेरे दिल के तुझे दुआतुझे ख़ुशी मिले और मैं न मुस्कुराऊं कैसे….बहुत सुन्दर…श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम…शुक्रिया….

  5. >kya kahun……….har sher ne dil moh liya…………seedhe dil mein utar gaye.ज़ख्म दे रहे हैं मेरे दिल के तुझे दुआतुझे ख़ुशी मिले और मैं न मुस्कुराऊं कैसेkis kis sher ki tarif karun……….agar ho sake to ye sare sher mujhe mail kar dein.behtreen ………lajawaab

  6. >श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम…

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: