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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>17 वर्षीय नूर हुसैन फ़र्जी एनकाउंटर में मारा गया (17-yr-old Noor Hossain killed in fake encounter in Murshidabad)

> आपको बाटला याद होगा और याद होगा रणवीर का एनकाउंटर. हमारे भारत देश की पुलिस की काली करतूत की हद दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है. न सरकार, न मानवाधिकार, न जनता कोई भी इसके विरुद्ध आवाज़ उठता नज़र नहीं आ रहा है. पिछली बार मैंने एक पोस्ट लिखी थी “दो फ़र्जी मुठभेड़ों की कथा” जिसमें मैंने बाटला के फ़र्जी एनकाउंटर और रणवीर के फ़र्जी एनकाउंटर जिसे हमारी ही देश की पुलिस ने किया था का उल्लेख था. अगर यही सब हमारी पुलिस करती रही तो प्रताड़ित वर्ग तो विरोधी होगा ही और अति-प्रताड़ना में वह कानून को भी हाँथ में सकता है. यह हमारा देश का तंत्र ही है जो इस कदर सड़ा हुआ है कि स्वयं ही भ्रष्टाचार, चोरी, बलात्कार, हत्या और आतंकवाद को बढावा दे रहा है और उस पर मीडिया की अपरिपक्वता, इसे और ज्यादा हवा दे रही है.

शीर्षकान्तर न हो इसलिए मैं सन्दर्भ पर आता हूँ. मुर्शिदाबाद का 17 वर्षीय नूर हुसैन किसी पुलिस की ज्यातादी का शिकार नहीं हुआ बल्कि देश की सुरक्षा बल, बी. एस. ऍफ़. (सीमा सुरक्षा बल, Border Security Force) ने यह जघन्य कृत्य किया है. यह दर्दनाक वाकिया भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित ज़िला मुर्शिदाबाद के एक गाँव का है जहाँ इस मुस्लिम किशोर की बेहद दर्दनाक तरीके से जवानों द्वारा मौत के घाट उतार दिया गया और अपनी कमी छुपाने के लिए उन जवानों को इस हत्या हो पुरी कोशिश की कि यह मुठभेंड साबित हो जाये लेकिन कहते हैं कि सच छुपता नहीं है. अवयस्क नूर हुसैन को जान से मारने के बाद भी उन दुष्टों की दुष्टता की हद तो तब हो गयी जब वह उसकी लाश पर ही दो गोलियां दागी और दस्तावेज में यह साबित किया कि एक तस्कर एनकाउंटर में मारा गया.
हुसैन के परिवार वालों ने बताया कि वह 1, सितम्बर 2009 को सुबह 10:30 पर अपने गाँव के पास पदमा नदी पर गया था. कुछ बी एस ऍफ़ जवान वहां मौजूद थे जिन्होंने उसे पकड़ लिया और कहने लगे यह स्मगलर है उसे बहुत ही बुरी तरह से मारना शुरू कर दिया. उन जवानों ने नूर हुसैन को बहुत ह अमानवीय तरीके मारा. बकौल घर वालों के जवानों को बहुत कहता रहा कि वह स्मगलर नहीं है और गाँव में ही रहता है. उसने उनसे बहुत मनुहार की और मिन्नतें की कि उसकी जान बख्श दें. वह क्रंदन कर रहा था लेकिन उन जवानों ने उसकों मारना नहीं रोका और मुस्लिम होने की वजह से उसे कुछ ज़्यादा ही मारा. परिणामस्वरूप उस बच्चे के शरीर और मुहं से बहुत सारा खून बहने लगा और वह मूर्छित होकर धरती पर गिर गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ लड़का उसी जगह मर गया. मरने के बाद जवानों ने उसकी लाश पर ही दो राउंड गोलियां चलाईं ताकि वह इस हत्या को एनकाउंटर का रूप दे सकें. उसमें से एक गोली तो उसके छाती की पसली पर मारी. इस दुष्कर्म की कथा को एक एन जी ओ “मासूम“ने अपनी रिपोर्ट में बयान किया जिसे Custodial Torture & Impunity के तहत दर्ज करवाया गया.
नूर हुसैन वल्द जेरमन शेख पश्चिमी बंगाल के ज़िला मुर्शिदाबाद के लंगोला पुलिस स्टेशन के अर्न्तगत ब्र्ह्मोत्तर गाँव का रहने वाला था जो कि एक कंस्ट्रक्शन लेबर था.

रिपोर्ट के मुताबिक़, अगले दिन यानि 2, सितम्बर 2009 को लंगोला पुलिस स्टेशन ने लाश को बरामद किया और “लालबाग सब डिविज़नल हॉस्पिटल” में पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया, इस दौरान किसी भी डॉक्टर को बुलाया नहीं गया और न ही यह सुनिश्चित किया गया कि लाश किसकी है.

कीर्ति रॉय, सचिव, मासूम और नॅशनल कन्वेनर, प्रोग्राम अगेंस्ट कष्टोडियल टॉर्चर एंड इम्प्युनिटी ने मामले की अपने स्तर से जांच की और इसे राष्ट्रीय आयोग के पास भेज दिया जिसमें बाल अधिकार के तहत मामला दर्ज करने की बात करते हुए उन जवानों को गिरफ़तार कर जेल भेजने की वकालत की गयी.

रॉय ने बताया कि कुछ गाँव वालों ने पूरा का पूरा दर्दनाक वाकिया अपनी आँखों से देखा. गाँववासियों ने यह भी देखा कि लाश के पास छह बड़े हंसुएँ (hensos), छह डंडे और दो गाय भी रख दिया ताकि एक मुस्लिम पर गौ तस्कर के अर्न्तगत मामला दर्ज हो. प्रत्यक्षदर्शियों में मुस्लिम भी थे और नॉन-मुस्लिम भी. DMC, BSF, BOP, 105 बटालियन, ब्स्फ़ ‘E’ कंपनी के कंपनी कमांडेंट जनाब पी बोधरा ने उन प्रत्यक्षदर्शियों के साथ मिलकर 02/09/2009 को उन जवानों के खिलाफ़ उक्त पुलिस स्टेशन में ही शिकायत दर्ज करवाई, जिसके मद्देनज़र लंगोला पुलिस को केस रजिस्टर करना पड़ा जिसका नंबर है 499/09 Dated 02/09/2009 u/s 147/149/353/186/307

यहाँ तक तो सब ठीक था लेकिन प्रतिकूल तरीक़े से न ही इस केस की कोई प्रगति हुई न ही उन जवानों के खिलाफ़ कोई एक्शन किया गया उल्टे केस इंचार्ज दुलाल बिस्वास ने पीड़ित परिवार को ही प्रताडित करना शुरू कर दिया. बिस्वास ने पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया और अमानवीय सा व्यवहार करना शुरू कर दिया था.

जनाब रॉय ने यह मांग की कि इस हत्या की जांच किसी तीसरे से करवाया जाये, न ही लंगोला पुलिस से न ही BSF से ही. उन्होंने यह भी मांग की कि अभियुक्तों को फ़ौरन ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ़ हत्या का मुक़दमा 302/34 के अर्न्तगत किया जाना चाहिए और बिना किसी सरकारी दुष्प्रभाव के निष्पक्ष रूप से मामले की जांच करवाई जाये. साथ ही उन जवानों को BSF की धारा 24(a), 28, 34, 35, & 46 के अर्न्तगत भी कार्यवाही की।
लंगोला पुलिस शहीद नूर हुसैन के परिवार के सदस्यों का उत्पीडन अभी भी कर रही है। BSF जे वह दुष्ट जवान अभी भी छुट्टे सांड की तरह घूम रहें है और न्याय के लिए जनाब रॉय लगातार अभी भी जिहाद (संघर्ष) कर रहें हैं.
क्या नूर हुसैन को न्याय मिल सकेगा? क्या नूर हुसैन के परिवार को सरकारी रूप से कोई मदद मिल पायेगी जिससे वह भयमुक्त होकर जी सकें? क्या इसी तरह हमारे देश की रक्षा करने वाले जवान मासूमों को कभी कश्मीर में तो कभी मुर्शिदाबाद में मारते रहेंगे?
साभार: TwoCircles।net Staff Correspondent
प्रस्तुति- सलीम खान

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12 Responses

  1. >भाई बटला हाउस हम भूल भी कैसे सकते है, बात शायद कोर्ट में है या विवादित है इस लिये उसपर अधिक नहीं कह सकता,आपकी पोस्‍ट से कुछ लोग एक छत के नीचे आजाये ऐसी दुआ है, नूर के लिये कह सकते अल्‍लाह उसे शहीद का दर्जा दे, जन्‍नत नसीब करे,

  2. >भाई बटला हाउस हम भूल भी कैसे सकते है, बात शायद कोर्ट में है या विवादित है इस लिये उसपर अधिक नहीं कह सकता,आपकी पोस्‍ट से कुछ लोग एक छत के नीचे आजाये ऐसी दुआ है, नूर के लिये कह सकते अल्‍लाह उसे शहीद का दर्जा दे, जन्‍नत नसीब करे,

  3. Khursheed says:

    >बहुत दर्दनाक हादसा.सलीम भाई आप ने जो जागरूकता फैलाई है वह ब्लॉग जगत से निकल कर शीघ्र ही लोकल न्यूज़ पेपर्स में आने वाली है. हमारी तरफ एक अखबार छपता है जिसमें मैंने बात की है.

  4. Khursheed says:

    >बहुत दर्दनाक हादसा.सलीम भाई आप ने जो जागरूकता फैलाई है वह ब्लॉग जगत से निकल कर शीघ्र ही लोकल न्यूज़ पेपर्स में आने वाली है. हमारी तरफ एक अखबार छपता है जिसमें मैंने बात की है.

  5. Anonymous says:

    >tum sare begunah mumbai kand vale paki begunah haramajado tum badanam karate ho muslim kaum ko muslamano ko salo tum dag ho muslimo par

  6. Anonymous says:

    >tum sare begunah mumbai kand vale paki begunah haramajado tum badanam karate ho muslim kaum ko muslamano ko salo tum dag ho muslimo par

  7. >सलीम भाई, बात तो आप हिंदू मुसलमान एकता की करते हैं, स्‍वच्‍छ बनाने की करते हैं पर एंजेडा आपका बहुत घटिया है। इसी क्रम में मैंने आपका अगला लेख पढा। आपने शायद अभी B.S.F या CRPF के जवानों की कुर्बानियों के बारे में जाना नहीं है इसलिए आप इतने उत्‍तेजित हो रहे हैं। अमानवीय और अत्‍यन्‍त प्रतिकूल परिस्थितियों में रह रहे इन जवानों को, जो देश की सुरक्षा में अपनी जान दे रहे हैं सीधे सीधे आरोपित करके आप न केवल देशद्रोह कर रहे हैं बल्कि बाटला कांड जैसे बडे षडयंत्र, जिसमें एक बलिदानी पुलिस कार्मिक को इस देश की राष्‍ट्रपति ने सर्वोच्‍च सम्‍मान से सम्‍मानित किया है झूठा घोषित कर रहे हैं। वस्‍तुत: आप जैसे लोगों खिलाफ झूठे प्रोपेगैंडा फैलाने, दुष्‍प्रचार करने और देश की हिंदू मुस्लिम एकता को तोडने जैसे जघन्‍य अपराध के लिए मुकदमा चलाना चाहिए। और आपकी कारगुजारियां यदि ऐसी ही चलती रहीं तो वह दिन दूर नहीं है।

  8. >सलीम भाई, बात तो आप हिंदू मुसलमान एकता की करते हैं, स्‍वच्‍छ बनाने की करते हैं पर एंजेडा आपका बहुत घटिया है। इसी क्रम में मैंने आपका अगला लेख पढा। आपने शायद अभी B.S.F या CRPF के जवानों की कुर्बानियों के बारे में जाना नहीं है इसलिए आप इतने उत्‍तेजित हो रहे हैं। अमानवीय और अत्‍यन्‍त प्रतिकूल परिस्थितियों में रह रहे इन जवानों को, जो देश की सुरक्षा में अपनी जान दे रहे हैं सीधे सीधे आरोपित करके आप न केवल देशद्रोह कर रहे हैं बल्कि बाटला कांड जैसे बडे षडयंत्र, जिसमें एक बलिदानी पुलिस कार्मिक को इस देश की राष्‍ट्रपति ने सर्वोच्‍च सम्‍मान से सम्‍मानित किया है झूठा घोषित कर रहे हैं। वस्‍तुत: आप जैसे लोगों खिलाफ झूठे प्रोपेगैंडा फैलाने, दुष्‍प्रचार करने और देश की हिंदू मुस्लिम एकता को तोडने जैसे जघन्‍य अपराध के लिए मुकदमा चलाना चाहिए। और आपकी कारगुजारियां यदि ऐसी ही चलती रहीं तो वह दिन दूर नहीं है।

  9. >तुम साबित क्या करना चाहते हो हमारे BSF के जवान हत्यारे हैं हमारी सेना के जवान चलती ट्रेन में बलात्कार करते हैं

  10. >तुम साबित क्या करना चाहते हो हमारे BSF के जवान हत्यारे हैं हमारी सेना के जवान चलती ट्रेन में बलात्कार करते हैं

  11. Anonymous says:

    >Agar ye sach hai to galat hai, lekin Noor agar galat kaam kar raha tha to accha hua. Agar gaanwalone ne ye hadasa dekha hai to unhe aage aakar baat karni chaiye. Isme hindu-muslim wali koi baat nahi hai, galat kaam ke liye aadami ko saza zarur milni chiaye.

  12. Anonymous says:

    >Agar ye sach hai to galat hai, lekin Noor agar galat kaam kar raha tha to accha hua. Agar gaanwalone ne ye hadasa dekha hai to unhe aage aakar baat karni chaiye. Isme hindu-muslim wali koi baat nahi hai, galat kaam ke liye aadami ko saza zarur milni chiaye.

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