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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>इस्लाम व विश्व की अन्य सभ्यताओं में नारी की स्थिति की तुलना Compersion Between Islam & Other Civilization

>


भूतकाल में स्त्रियों का अपमान किया जाता था और और उनका प्रयोग केवल काम वासना के लिए किया जाता था|

इतिहास से लिए निम्न उदहारण इस तथ्य की पूर्ण व्याख्या करते हैं कि पूर्व की सभ्यता में औरतों का स्थान इस क़दर गिरा हुआ था कि उनको प्राथमिक मानव सम्मान भी नहीं दिया गया था –

बेबीलोन सभ्यता

औरतें अपमानित की जातीं और बेबिलोनिया के कानून में उनको हक और अधिकार से वंचित रखा जाता था | यदि कोई व्यक्ति किसी औरत की हत्या कर देता था तो उसको दंड देने के बजाये उसकी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया जाता था |
यूनानी सभ्यता

इस सभ्यता को प्राचीन सभ्यताओं में अत्यंत श्रेष्ट माना जाता है| इस ‘अत्यंत श्रेष्ट’ व्यवस्था के अनुसार औरतों को सभी अधिकारों से वंचित रखा जाता था और वे नीच वस्तु के रूप में देखी जाती थी | यूनानी देवगाथा में ‘पान्डोरा’ नाम की एक काल्पनिक स्त्री पूरी मानवजाति के दुखों की जड़ मानी जाती है | यूनानी लोग स्त्रियों को पुरुषों के मुकाबले तुच्छ मानते थे | हालाँकि उनकी पवित्रता अमूल्य थी और उनका सम्मान किया जाता था,
लेकिन बाद में यूनानी लोग अंहकार और काम वासना में लिप्त हो गए | वैश्यावृत्ति यूनानी समाज के हर वर्ग में आम रिवाज़ बन गयी थी |
रोमन सभ्यता

जब रोमन सभ्यता अपने गौरव के चरम सीमा पर थी, उस समय एक पुरुष को अपनी पत्नी का जीवन छिनने का अधिकार था | वैश्यावृत्ति और नग्नता रोमन सभ्यता में आम थी|
मिश्री सभ्यता

मिश्री सभ्यता स्त्रियों को शैतान का रूप मानते थे|
इस्लाम से पहले का अरब

इस्लाम से पहले अरब में औरतों को नीचा मन जाता था और जब कभी किसी लड़की का जन्म होता था तो आमतौर पर उसे दफना दिया जाता था |



इस्लाम में औरतों की जो स्थिति है, उस पर सेक्युलर मिडिया का ज़बरदस्त हमला होता है| वे परदे और इस्लामी लिबास को इस्लामी कानून में स्त्रियों की दासता के मिसाल के रूप में पेश करते हैं | जबकि यह बिलकुल ही झूठ है और पश्चिमी समाज का डर है, जो उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर रहा है |”


प्रस्तुति- सलीम खान

Filed under: Uncategorized

20 Responses

  1. Anonymous says:

    >@ salim khan"यह बिलकुल ही झूठ है और पश्चिमी समाज का डर है"एकदम सही कहा आपनेआप जैसे उलटी सीख देने वाले जब ताक अपना काम कर रहे है तब तक हर कोई समाज आपसे डरेगा

  2. Anonymous says:

    >@ salim khan"यह बिलकुल ही झूठ है और पश्चिमी समाज का डर है"एकदम सही कहा आपनेआप जैसे उलटी सीख देने वाले जब ताक अपना काम कर रहे है तब तक हर कोई समाज आपसे डरेगा

  3. Anonymous says:

    >पाकिस्तान भी एईसही करता है एक बाजूसे दोस्तिका हात बढते है और दुसरे बाजूसे बॉम्ब फोडते है और आपभी उसिकेजैसे एक बाजूसे एक छत के निचे बुलाते हो और एक बाजूसे हिंदुओको गरियाते होजय हो सलीम खान की जय हो जय होजय होजय होजय होजय हो

  4. Anonymous says:

    >पाकिस्तान भी एईसही करता है एक बाजूसे दोस्तिका हात बढते है और दुसरे बाजूसे बॉम्ब फोडते है और आपभी उसिकेजैसे एक बाजूसे एक छत के निचे बुलाते हो और एक बाजूसे हिंदुओको गरियाते होजय हो सलीम खान की जय हो जय होजय होजय होजय होजय हो

  5. >आपसे इस विषय में कुछ विस्तृत ज्ञान का आकांक्षी हूँ, आप कृपया इस विषय में थोड़ा और लिखते तो बेहतर होता.

  6. >आपसे इस विषय में कुछ विस्तृत ज्ञान का आकांक्षी हूँ, आप कृपया इस विषय में थोड़ा और लिखते तो बेहतर होता.

  7. >साक्ष्य सहित बताएं कि क्या आपके इस्लाम धर्म में ऐसा क्या है जो स्त्री की दशा को दूसरो की अपेक्षा बेहतर सुरक्षा और सम्मान देता हो.

  8. >साक्ष्य सहित बताएं कि क्या आपके इस्लाम धर्म में ऐसा क्या है जो स्त्री की दशा को दूसरो की अपेक्षा बेहतर सुरक्षा और सम्मान देता हो.

  9. >सही कहा आपने, अभी भी हम ऐसी तहजीब में हैं जहाँ अति उदारता और महिलासशक्तिकरण की आड़ में उसे नंगा करने में कोई संकोच नहीं हो रहा है. वो चाहे कितनी भी दुहाई दें लेकिन हो तो यही रहा है.

  10. >सही कहा आपने, अभी भी हम ऐसी तहजीब में हैं जहाँ अति उदारता और महिलासशक्तिकरण की आड़ में उसे नंगा करने में कोई संकोच नहीं हो रहा है. वो चाहे कितनी भी दुहाई दें लेकिन हो तो यही रहा है.

  11. >तुम्हारा "नारी की गरिमा और भारतीय नपुंसकता" और "छोटे वस्त्र दुर्व्यवहार को न्योता" लेख भी पढ़ा था, बहुत ही सार्थक विवेचन प्रस्तुत किया तुमने. तुम लगे रहो और अपनी हिम्मत मत हारना क्यूँ कि तुम सत्य पर हो और अल्लाह साथ हो तो किससे डरना?

  12. >आज के इस ज़माने में ऐसी बातें करने वाले विरले ही होते है और ख़ास कर नौजवान पीढी तो बिलकुल भी नहीं है जो ऐसा प्रयास करे. वह तो सेक्स, लड़की और गलत राह में ही अपना अस्तित्व खोज रहें हैं. उसकी वजह यह है कि उनको तरबियत और शिक्षा ही ऐसी दी जा रही है.

  13. >तुम्हारा "नारी की गरिमा और भारतीय नपुंसकता" और "छोटे वस्त्र दुर्व्यवहार को न्योता" लेख भी पढ़ा था, बहुत ही सार्थक विवेचन प्रस्तुत किया तुमने. तुम लगे रहो और अपनी हिम्मत मत हारना क्यूँ कि तुम सत्य पर हो और अल्लाह साथ हो तो किससे डरना?

  14. >आज के इस ज़माने में ऐसी बातें करने वाले विरले ही होते है और ख़ास कर नौजवान पीढी तो बिलकुल भी नहीं है जो ऐसा प्रयास करे. वह तो सेक्स, लड़की और गलत राह में ही अपना अस्तित्व खोज रहें हैं. उसकी वजह यह है कि उनको तरबियत और शिक्षा ही ऐसी दी जा रही है.

  15. rohit says:

    >सलीम भाई एक बहुत ही खूबसूरत लफ्ज़ है जो आपके जैसे ही तथाकथित आमिलो के लिए ही बना है जो आपको आपकी प्रतिभा को सही से परिभाषित करता है और वो शब्द है ' चूतिया'

  16. rohit says:

    >सलीम भाई एक बहुत ही खूबसूरत लफ्ज़ है जो आपके जैसे ही तथाकथित आमिलो के लिए ही बना है जो आपको आपकी प्रतिभा को सही से परिभाषित करता है और वो शब्द है ' चूतिया'

  17. >अच्‍छी पोस्‍ट है, नारी और इस्‍लाम पर मेरे ब्लाग में बडी बडी दो किताबें हैं, दूसरी बात सुनो उस चश्‍मे बददूर को 13 नम्‍बरी वाली पोस्‍ट में कुछ कहा था उसे पढकर उसे पागलपन के दौरे पड रहे हैं उसे, 10 दिन में पागल हो गया वह चश्‍मे बददूर देख आओ आजतो उसे सर्टिफिकेट भी मिल रहे है,तीसरी बात यह कुरआन साफटवेयर का ब्‍लाग लिंक किसका है?

  18. >अच्‍छी पोस्‍ट है, नारी और इस्‍लाम पर मेरे ब्लाग में बडी बडी दो किताबें हैं, दूसरी बात सुनो उस चश्‍मे बददूर को 13 नम्‍बरी वाली पोस्‍ट में कुछ कहा था उसे पढकर उसे पागलपन के दौरे पड रहे हैं उसे, 10 दिन में पागल हो गया वह चश्‍मे बददूर देख आओ आजतो उसे सर्टिफिकेट भी मिल रहे है,तीसरी बात यह कुरआन साफटवेयर का ब्‍लाग लिंक किसका है?

  19. Anonymous says:

    >@ Mohammed Umar Kairanvi लोगोको तो कहते फिरते हो * कुराण* नही कुरआनऔर खुद साफटवेयर कहते हो सॉफ्टवेअर लिखाणा सीख जाओ या तो कहो की मुसलमानोको यहाँ सरी गलतिया माफ है

  20. Anonymous says:

    >@ Mohammed Umar Kairanvi लोगोको तो कहते फिरते हो * कुराण* नही कुरआनऔर खुद साफटवेयर कहते हो सॉफ्टवेअर लिखाणा सीख जाओ या तो कहो की मुसलमानोको यहाँ सरी गलतिया माफ है

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