स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़

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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>9/11: वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का गिराया जाना, अमेरिका का ‘Inside Job’ था, ये तो मीडिया क्रियेशन है जो मुसलमानों को बदनाम करता है.

>मैं पीस टीवी देख रहा था. प्रोग्राम था… इज़हारे हक और इज़हारे हक की इस नशिस्त (एपिसोड) में जो शीर्षक था…वह था… “जिहाद और दहशतगर्दी – इस्लाम के पसमंज़र में“, जिसे लखनऊ में ही आयोजित किया गया था. उस प्रोग्राम में जब सवालात और जवाबात का सेशन शुरू हुआ तो औरतों में से एक मुसलमान ख्वातीन ने डॉ जाकिर साहब से पूछा:

डॉ साहब, मुझे ये बताईये कि ग्यारह सितम्बर दो हज़ार एक (9/11) को जो ट्विन टावर गिराया गया वो जिहाद था या नहीं और अगर था तो क्या यह सही जिहाद था? क्यूंकि मेरा बेटा भी एक आईआईटीएन है और वह वहां मौजूद था और जब हमने यह सुना तो मेरी तो रूह ही काँप गयी थी. मुझे यह बताईये डॉ साहब कि जिन्होंने ने यह सब किया सही किया या नहीं?

मैंने टीवी पर नज़रें गड़ा दीं क्यूंकि यह एक अहम् सवाल था और मेरे लिए इस सवाल का जवाब जानना बहुत ज़रूरी था. उस ख्वातीन की तरह मुझे भी यह जानना ज़रूरी था क्यूंकि मुझसे भी कई लोगों ने इसी तरह का सवाल किया था यहाँ तक कि कई ब्लॉगरों ने मेरी पोस्ट पर यह सवाल दागे या इससे मिलते जुलते. मैं डॉ जाकिर नाइक साहब ने जो जवाब दिया और विश्लेषण इस पोस्ट के ज़रिये आप तक पहुंचाना चाहता हूँ.

इस सवाल के जवाब से पहले हमें यह जानना बहुत ज़रूरी है कि जिहाद कहते किसे हैं और जिहाद किस-किस क़िस्म का होता है? हालाँकि मैंने जिहाद का शाब्दिक अर्थ और परिभाषा अपने पिछले पोस्ट में व्यक्त कर दी थी. मैं उसे यहाँ पर दोहराना चाहूँगा कि जिहाद क्या है?

जिहाद शब्द का इस्तेमाल वर्तमान काल में जिस अर्थ में लिया जा रहा है, आजकल इस्लाम के बारे में फैली गलत-फहमियों में से एक है. बल्कि यों कहें कि जिहाद के बारे में गलत-फहमी केवल नॉन-मुस्लिम में ही नहीं है बल्कि मुस्लिम में भी है. जिहाद को नॉन-मुस्लिम और मुस्लिम दोनों ही यह समझते हैं कि किसी मुसलमान के द्वारा लड़ी गयी लडाई, वह चाहे किसी मक़सद के लिए हो, वह गलत मक़सद हो या सही, जिहाद कहलाता है.
जिहाद एक अरबी भाषा का शब्द है जो ‘जहादा’ ‘jahada’ शब्द से बना है जिसका मायने होता है ‘मेहनत करना’ ‘जद्दोजहद करना’ ‘संघर्ष करना’ अंग्रेजी में इस कहेंगे to strive or to struggle. मिसाल के तौर पर ‘अगर एक छात्र उत्तीर्ण होने के लिए मेहनत करता है, तो वह जिहाद कर रहा है.’ अरबी भाषा के शब्द जिहाद का एक अर्थ ‘अपनी नफ़्स से संघर्ष करना’ भी है. अपने समाज को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करने को भी जिहाद कहते हैं और यह अपने अंतर एक अर्थ और समेटे है जिसका अर्थ होता है कि ‘आत्म रक्षा के लिए संघर्ष’ या चढाई हो जाने या अत्याचार होने पर रण-भूमि में चढाई करने वाले या अत्याचार के विरुद्ध लड़ना.
जिहाद धर्म-युद्ध नहीं
लेकिन जिहाद को ‘पवित्र युद्ध’ holy war नाम पश्चिम जगत और इस्लाम विरोधी मिडिया ने दिया जो कि बिलकुल ही गलत परिभाषा है। जैसा कि हम देख चुके है कि जिहाद एक अरबी शब्द है उसके मायने क्या है.

इस्लामिक नज़रिए में जब हम कुर’आन और हदीस का अध्ययन करते हैं तो पता चलता है कि ‘जिहाद’ मुख्यतया दो प्रकार का हो सकता है;
एक “फ़ी-सबिलिल्लाह” अर्थात अल्लाह की राह में (अच्छाई की राह में) और दूसरा “फ़ी-सबीशैतान” अर्थात शैतान की राह में (बुराई की राह में).

अगर हम देखते हैं कि जो ट्विन टावर गिराया गया वह कौन सा जिहाद था तो साफ़ पता चलता है कि यह फ़ी-सबीशैतान था.

जिहाद का अर्थ जद्दो जहद होता है तो वर्ल्ड ट्रेड सेण्टर गिराना भी ऐसा नहीं है कि हंसी खेल था यह तो बहुत ही जद्दो-जहद का काम रहा होगा यानि यह बहुत बड़े जिहाद का काम था लेकिन “फ़ी-सबिशैतान” बुराई की राह में था.

पश्चिमी मीडिया कहती है कि प्रमुख संदिग्ध ओसामा बिन लादेन है. वही पश्चिम के लोग जो शहीदे-आज़म भगत सिंह को भी आतंकवादी कहते थे. ओसामा बिन लादेन ने अगर ऐसा किया है तो यह ग़लत है, लेकिन आज तक यह सिद्ध नहीं हो पाया केवल प्राइम सस्पेक्ट ओसामा बिन लादेन, प्राइम सस्पेक्ट ओसामा बिन लादेन…

मान लें, बहस के तौर पर कि ओसामा बिन लादेन ने ऐसा किया भी है… तो एक इंसान की करी गयी ग़लती की वजह से बुश की अमेरिकी सेना ने लाखों लोगों को मौत की नींद सुला दिया. अफगानिस्तान जैसे गरीब देश पर उसने लाखों बेगुनाहों पर बम गिराए. इस तरह से तो बुश तो दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है.

हमें मालूम है कि सद्दाम हुसैन एक मुसलमान था, मुसलमान होने के बावजूद उसने कुछ लोगों को ग़लत तरीक़े से मार डाला था. लेकिन उस पर तरह तरह के इल्जाम लगा कर कि उसके पास जैविक हथियार हैं; ये है; वो है. और इराक़ पर बुश ने बम बरसाए.

खुद बुश ने सी एन एन पर कहा था कि “मैंने वहां सेना भेजी”. आप खुद सोचिये जिस कृत्य को यूएन ने इजाज़त नहीं दी, उसके खिलाफ़ जाकर बुश और अमेरिकी सेना ने क्या सही किया? अगर आतंक का यही नजरिया है तो मेरे हिसाब से बुश दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है.

यही नहीं अमेरिका की तीन बड़ी मैगजीनों ने यह साबित किया था कि ट्विन टावर पर जो हमला किया गया वह बाहरी हमला नहीं बल्कि अमेरिका का अपना इनसाइड जॉब था.

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31 Responses

  1. >सही कहा सलीम भाई आपने, कहा जाता है कि उस दिन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में एक भी यहूदी नहीं आया था. और अमेरिका में ही कई ऐसी किताबें छप चुकी हैं जो यह साबित करती है कि यह वाकई अमेरिका का इनसाइड जॉब था, बिलकुल सही.

  2. khursheed says:

    >सही कहा सलीम भाई आपने, कहा जाता है कि उस दिन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में एक भी यहूदी नहीं आया था. और अमेरिका में ही कई ऐसी किताबें छप चुकी हैं जो यह साबित करती है कि यह वाकई अमेरिका का इनसाइड जॉब था, बिलकुल सही.

  3. कुश says:

    >अच्छा प्रोग्राम था.. जाकिर साहब कहाँ के रहने वाले है? रिपोर्ट तो अच्छी लाये.. वैसे एक प्रोग्राम आता है स्टार प्लस पर.. वो भी देखे.. नाम है "किस देश में है मेरा दिल…"

  4. कुश says:

    >अच्छा प्रोग्राम था.. जाकिर साहब कहाँ के रहने वाले है? रिपोर्ट तो अच्छी लाये.. वैसे एक प्रोग्राम आता है स्टार प्लस पर.. वो भी देखे.. नाम है "किस देश में है मेरा दिल…"

  5. haal-ahwaal says:

    >salim miya, iss baat me shak nahi ki 9/11 se america anzaan nahi tha. lekin uske baad kya?? usne jaan-bujhkar musalmano ko galti ka ek mauka diya aur ab unko ragad raha hai. iraq me, afganistan me, pakistan me. jihadi musalman kitne aklmand hain, iska pata isi baat se chal jata hai ki jyadatar jagah we apne hi dharm ke logo ka khun baha rahe hain. america aur uske saathi mulko ne badi safai se apni jang dusre mulko par thop di hai. musalman aapas me lad rahe hain, unke ishare par lad rahe hain aur wo baithe maza le rahe hain. ab aap ya naik saab jihad ka koi bhi matalab samjhaye, koi fark nahi padnewala. jaha tak aap islam ke khilaf dushprachar ki baat karte hain to kashmir me, delhi me, bombay me aur dusri jagho par khun bahaanewalo ko jihad ka paath america ne nahi padhaya. kasaab ko america ne nahi bheja. ho sakta hai, america ne tumhare islam ka badnaam kiya ho, lekin hindustan me tumhare islam ko kaun badnaam kar raha hai? wohi pakistan aur pak-parast musalman, jo america ke tukdo par palta hai.rahi osama bin laden ki baat, to soviet ke khilaf america ne afganistan me usko aur taliban ko aur pakistan ko istemaal kiya. jab maksad pura ho gaya to laden ko palestin dikhayee dene laga. kya uske pehle israel nahi tha ya america uska sarparast nahi tha?? laden aur uske bahane taliban aur uske humdard logo ke saath america wohi kar raha hai, jo MERI BILLI MUJHIKO MYAOON karne par koyee bhi takatwar kar sakta hai.

  6. haal-ahwaal says:

    >salim miya, iss baat me shak nahi ki 9/11 se america anzaan nahi tha. lekin uske baad kya?? usne jaan-bujhkar musalmano ko galti ka ek mauka diya aur ab unko ragad raha hai. iraq me, afganistan me, pakistan me. jihadi musalman kitne aklmand hain, iska pata isi baat se chal jata hai ki jyadatar jagah we apne hi dharm ke logo ka khun baha rahe hain. america aur uske saathi mulko ne badi safai se apni jang dusre mulko par thop di hai. musalman aapas me lad rahe hain, unke ishare par lad rahe hain aur wo baithe maza le rahe hain. ab aap ya naik saab jihad ka koi bhi matalab samjhaye, koi fark nahi padnewala. jaha tak aap islam ke khilaf dushprachar ki baat karte hain to kashmir me, delhi me, bombay me aur dusri jagho par khun bahaanewalo ko jihad ka paath america ne nahi padhaya. kasaab ko america ne nahi bheja. ho sakta hai, america ne tumhare islam ka badnaam kiya ho, lekin hindustan me tumhare islam ko kaun badnaam kar raha hai? wohi pakistan aur pak-parast musalman, jo america ke tukdo par palta hai.rahi osama bin laden ki baat, to soviet ke khilaf america ne afganistan me usko aur taliban ko aur pakistan ko istemaal kiya. jab maksad pura ho gaya to laden ko palestin dikhayee dene laga. kya uske pehle israel nahi tha ya america uska sarparast nahi tha?? laden aur uske bahane taliban aur uske humdard logo ke saath america wohi kar raha hai, jo MERI BILLI MUJHIKO MYAOON karne par koyee bhi takatwar kar sakta hai.

  7. >अम्मा यार मान गए सही कह रहे हो तुम………. एकदम मीडिया क्रिअशन है ये ………. और अब तो ये स्वच्छ सन्देश भी अमेरिकी साजिश लग रहा है ……..हमारे यहाँ के मुसलमान तो ऐसे नहीं थे पता नहीं जाकिर नाइक जैसे देश द्रोही के के चक्कर में सलीम खान, कासिफ आरिफ, और खुर्सिद भाई जैसे मासूम नागरिक कैसे आ गए ……….?शायद ये भी इस्लाम को बदनाम करने की अमेरिकी साजिश का हिस्सा लग रहा है ………क्यों है ना ??????🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂

  8. >अम्मा यार मान गए सही कह रहे हो तुम………. एकदम मीडिया क्रिअशन है ये ………. और अब तो ये स्वच्छ सन्देश भी अमेरिकी साजिश लग रहा है ……..हमारे यहाँ के मुसलमान तो ऐसे नहीं थे पता नहीं जाकिर नाइक जैसे देश द्रोही के के चक्कर में सलीम खान, कासिफ आरिफ, और खुर्सिद भाई जैसे मासूम नागरिक कैसे आ गए ……….?शायद ये भी इस्लाम को बदनाम करने की अमेरिकी साजिश का हिस्सा लग रहा है ………क्यों है ना ??????🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂

  9. >अंग्रेज़ी के दो शब्द हैं- conspiracy theory- हो सकता है,आपने न सुने हों। आप सिर्फ़ एक बड़ी घटना के बारे में सोचें,उससे जुड़ी Conspiracy Theory आपको नेट पर ही मिल जाएगी-यहां तक कि 26/11 के बारे में भी कि ये संघ का ही काम था इसलिए साध्वी कांड की जांच करने वाले तीनों अधिकारी मारे गए। बुश बदमाश है,अमेरिका दादागीरी करता है, इन बातों के दोहराव का तो कोई मतलब नहीं-सबको पता है। लेकिन 9/11 के आईने में अल क़ायदा को डिफ़ेंड करने की मानसिकता मेरे तुच्छ दिमाग़ की समझ से परे है।

  10. >अंग्रेज़ी के दो शब्द हैं- conspiracy theory- हो सकता है,आपने न सुने हों। आप सिर्फ़ एक बड़ी घटना के बारे में सोचें,उससे जुड़ी Conspiracy Theory आपको नेट पर ही मिल जाएगी-यहां तक कि 26/11 के बारे में भी कि ये संघ का ही काम था इसलिए साध्वी कांड की जांच करने वाले तीनों अधिकारी मारे गए। बुश बदमाश है,अमेरिका दादागीरी करता है, इन बातों के दोहराव का तो कोई मतलब नहीं-सबको पता है। लेकिन 9/11 के आईने में अल क़ायदा को डिफ़ेंड करने की मानसिकता मेरे तुच्छ दिमाग़ की समझ से परे है।

  11. >1) The World Trade Centre twin towers were destroyed by controlled demolitions.This is how the collapses may have appeared to non-experts, but demolition experts point out many differences:- Demolition professionals always blow the bottom floors of a structure first, but the WTC tower collapses began at the upper levels, where the planes hit the buildings.- Non-experts claim that debris seen blowing out of windows was evidence of explosive charges, but experts identify this as air and light office contents (paper, pulverized concrete, etc.) being forced out of windows as floors collapsed on each other.- Demolition firms had very sensitive seismographs operating at other sites in Manhattan on September 11. None recorded signs of any explosions prior to the tower collapses. Instead, seismic spikes were noted when debris began hitting the ground.- Cutting away walls, insulation, plumbing, and electrical conduits to place numerous charges on the towers' structural columns in advance would not have gone unnoticed.- Clean-up crews found none of the telltale signs of controlled demolitions that would have existed if explosive charges had been used.- For more information, see ImplosionWorld's article (PDF, 56 K) on the WTC collapses, the March 2005 Popular Mechanics, parts 4 and 5, "The Attack on the World Trade Center Towers," and the video 9/11 Debunked: Controlled Demolition Not Possible.2) No plane hit the Pentagon on September 11. Instead, it was a missile fired by elements "from inside the American state apparatus."Conspiracy theorists making this claim ignore several facts:- The remains of the bodies of the crew and passengers of American Airlines flight 77 were found at the Pentagon crash site, and positively identified by DNA.- The flight's black boxes were also recovered at the site.- Numerous eyewitnesses saw the plane strike the Pentagon. Some saw passengers through the plane's windows. Missiles don't have windows or carry passengers.- Numerous photographs show airplane debris at the crash site, as was also witnessed by survivors and rescue personnel.3) United Airlines flight 93, which crashed in Pennsylvania, was shot down by a missile.- The cockpit voice recorder of this flight was recovered and showed that the passenger revolt caused the hijackers to deliberately crash the plane. The hijackers controlled the plane until its impact.- The U.S. military did not learn that flight 93 had been hijacked until several minutes after it crashed, as tapes released in 2006 demonstrate.- The military never gave interceptor pilots authorization to shoot down United flight 93.- There was a 45-second message to her husband left by flight attendant CeeCee Lyles on her home answering machine.4) World Trade Centre building 7 was destroyed by a controlled demolition.- This allegation was fuelled by a comment by the WTC owner that, after WTC 7 was judged to be unstable, he recommended pulling a group of firefighters out of the building, using the phrase "pull it" in reference to the contingent of firefighters.- Conspiracy theorists have interpreted the "pull it" remark as slang for demolishing the building with explosives. But demolition experts say "pulling" a building means attaching long cables to a weakened structure and literally pulling it down with bulldozers and other powerful machinery — not using explosives.- The audio tracks of video recordings of the WTC collapse showed no evidence of the extremely loud sounds that would have indicated the use of explosives. Also, seismographs recorded no telltale spikes or anomalies.- An exhaustive three-year investigation by the National Institute of Standards and Technology (NIST) concluded that fires caused by the collapse of the nearby WTC north tower caused fires that burned out of control in WTC 7. These fires caused steel beams to expand and buckle, leading to the collapse of the building.

  12. >5) The planes that hit the World Trade Center towers were remotely controlled.- Boeing, which manufactured the planes that struck the towers, stated that all its commercial jet transports are configured so that they cannot be controlled from anywhere except the flight deck of the aircraft.- Passengers onboard the flights made several phone calls. All reported that hijackers had commandeered the planes.6) Insider trading in the stocks of United Airlines and American Airlines just before September 11 is evidence of advance knowledge of the plot.- The 9/11 Commission investigated this issue in detail, concluding, "Some unusual trading did in fact occur, but each such trade proved to have an innocuous explanation."- For example, it stated, "much of the seemingly suspicious trading in American [Airlines stock] on September 10 was traced to a specific U.S.-based options trading newsletter, faxed to its subscribers on Sunday, September 9, which recommended these trades."- For other examples, see The 9/11 Commission Report, "Notes" section, page 499, footnote 130.7) Four thousand Jews failed to show up for work at the World Trade Center on September 11.- It appears from media reports that some 10 percent to 15 percent of WTC victims were Jewish, indicating there were no mass absences.- The "4,000" figure apparently came from an early statement by the Israeli Foreign Ministry that some "4,000 Israelis" were believed to be in the New York and Washington areas, where the attacks occurred. This figure was apparently seized upon by conspiracy theorists, in an attempt to bolster the false rumour.8) Al Qaida is not responsible for the September 11 attacks.- Al Qaida leaders, including Osama bin Laden, have repeatedly confirmed that they planned and carried out the September 11 attacks.- In an audiotape released on May 23, 2006, bin Laden stated, "I was responsible for entrusting the 19 brothers … with those raids.."- In a November 2001 tape, bin Laden said, "We calculated in advance the number of casualties … who would be killed. … I was the most optimistic of them all. … Due to my experience in this field, I was thinking that the fire from the gas in the plane would melt the iron structure of the building and collapse the area where the plane hit and all the floors above it only."

  13. >5) The planes that hit the World Trade Center towers were remotely controlled.- Boeing, which manufactured the planes that struck the towers, stated that all its commercial jet transports are configured so that they cannot be controlled from anywhere except the flight deck of the aircraft.- Passengers onboard the flights made several phone calls. All reported that hijackers had commandeered the planes.6) Insider trading in the stocks of United Airlines and American Airlines just before September 11 is evidence of advance knowledge of the plot.- The 9/11 Commission investigated this issue in detail, concluding, "Some unusual trading did in fact occur, but each such trade proved to have an innocuous explanation."- For example, it stated, "much of the seemingly suspicious trading in American [Airlines stock] on September 10 was traced to a specific U.S.-based options trading newsletter, faxed to its subscribers on Sunday, September 9, which recommended these trades."- For other examples, see The 9/11 Commission Report, "Notes" section, page 499, footnote 130.7) Four thousand Jews failed to show up for work at the World Trade Center on September 11.- It appears from media reports that some 10 percent to 15 percent of WTC victims were Jewish, indicating there were no mass absences.- The "4,000" figure apparently came from an early statement by the Israeli Foreign Ministry that some "4,000 Israelis" were believed to be in the New York and Washington areas, where the attacks occurred. This figure was apparently seized upon by conspiracy theorists, in an attempt to bolster the false rumour.8) Al Qaida is not responsible for the September 11 attacks.- Al Qaida leaders, including Osama bin Laden, have repeatedly confirmed that they planned and carried out the September 11 attacks.- In an audiotape released on May 23, 2006, bin Laden stated, "I was responsible for entrusting the 19 brothers … with those raids.."- In a November 2001 tape, bin Laden said, "We calculated in advance the number of casualties … who would be killed. … I was the most optimistic of them all. … Due to my experience in this field, I was thinking that the fire from the gas in the plane would melt the iron structure of the building and collapse the area where the plane hit and all the floors above it only."

  14. >**(एक इंसान की करी गयी ग़लती की वजह से बुश की अमेरिकी सेना ने लाखों लोगों को मौत की नींद सुला दिया. )**भाई जान, ये माना की बुश साहब अब तानाशाह हो गए (गौर करे ९/११ की घटना के बाद)क्या जिहादियों ये पता नहीं था की उनके ९/११ के बाद बुश क्या सकता है ? गलती कहा से सुरु हुई ? पहले गलती करने वाला कौन था ?जरुरत क्या थी (जिहादियों) को ऐसा करने की ?इसका असर क्या होगा पुरे कौम पर ? सारे के सारे बदनाम हो जायेंगे और उनको पूरी दुनिया में एक अलग नजर से देखे जाने का सामना करना पड़ेगा ?जनाब उनको सब पता होगा दावा है मेरा, और इसके बाद भी उन्होंने ऐसा किया ! और अब आप जैसे भाई (का हर तीसरा लफ्ज) अपने आपको सफाई देने में लग जाता है और अपना energy इन बेकार की बातो में लॉस करता है.अल्लाह आप जैसो को तरक्की दे… आमीन !

  15. >**(एक इंसान की करी गयी ग़लती की वजह से बुश की अमेरिकी सेना ने लाखों लोगों को मौत की नींद सुला दिया. )**भाई जान, ये माना की बुश साहब अब तानाशाह हो गए (गौर करे ९/११ की घटना के बाद)क्या जिहादियों ये पता नहीं था की उनके ९/११ के बाद बुश क्या सकता है ? गलती कहा से सुरु हुई ? पहले गलती करने वाला कौन था ?जरुरत क्या थी (जिहादियों) को ऐसा करने की ?इसका असर क्या होगा पुरे कौम पर ? सारे के सारे बदनाम हो जायेंगे और उनको पूरी दुनिया में एक अलग नजर से देखे जाने का सामना करना पड़ेगा ?जनाब उनको सब पता होगा दावा है मेरा, और इसके बाद भी उन्होंने ऐसा किया ! और अब आप जैसे भाई (का हर तीसरा लफ्ज) अपने आपको सफाई देने में लग जाता है और अपना energy इन बेकार की बातो में लॉस करता है.अल्लाह आप जैसो को तरक्की दे… आमीन !

  16. >इधर भी झूठ उधर भी झूठ, सच्चाई कोई ना जाने,

  17. >इधर भी झूठ उधर भी झूठ, सच्चाई कोई ना जाने,

  18. >पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर तुम लोगों को तो सब झूठ ही लगेगा 'सावरकर के दोस्त'

  19. >पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर तुम लोगों को तो सब झूठ ही लगेगा 'सावरकर के दोस्त'

  20. >@ab inconvenienti – ओ दांत फाडने वाले अंग्रेज तू हिन्‍दी ब्लागिंग में क्‍यूं अपना फटा मुंह दिखाता रहता है, कुछ अपने ब्लाग की भी खबर है, जहां तुमने कुरआन के नाम पर बकवास की है, उस पर कैरानवी का पांच भाषाओं में जवाब देखो,और खबरदार जो वहां बदलाओ किया मैंने वहां का screenshot ले लिया, जल्‍द पहुंचो अन्‍यथा यह दांत खुले के खुले रह जायेगे, ऐ इस्लाम दुशमन तुम तो कुरआन शब्‍द तक ठीक से लिखना xकुरानx नहीं जानते ,direct link your article

  21. >@ab inconvenienti – ओ दांत फाडने वाले अंग्रेज तू हिन्‍दी ब्लागिंग में क्‍यूं अपना फटा मुंह दिखाता रहता है, कुछ अपने ब्लाग की भी खबर है, जहां तुमने कुरआन के नाम पर बकवास की है, उस पर कैरानवी का पांच भाषाओं में जवाब देखो,और खबरदार जो वहां बदलाओ किया मैंने वहां का screenshot ले लिया, जल्‍द पहुंचो अन्‍यथा यह दांत खुले के खुले रह जायेगे, ऐ इस्लाम दुशमन तुम तो कुरआन शब्‍द तक ठीक से लिखना xकुरानx नहीं जानते ,direct link your article

  22. >इस घटना का सच तो खुदा ही जाने परन्‍तु परवीन जाखड जी ने इस विषय पर कई सुपर हिट पोस्‍ट प्रस्‍तुत की हैं,9/11 हमला किसने करवाया? एक्सक्लूसिव खुलासा? http://praveenjakhar.blogspot.com/2009/06/911.htmldirect link jakhad article

  23. >इस घटना का सच तो खुदा ही जाने परन्‍तु परवीन जाखड जी ने इस विषय पर कई सुपर हिट पोस्‍ट प्रस्‍तुत की हैं,9/11 हमला किसने करवाया? एक्सक्लूसिव खुलासा? http://praveenjakhar.blogspot.com/2009/06/911.htmldirect link jakhad article

  24. sneha says:

    >सलीम जी (उर्फ मानसिक रोगी),आपको किसी अच्छे साईकैट्रिस्ट से मिलना चाहिये. जब आपके पास लिखने के लिये कुछ नहीं होता तब भी आप इसलाम का प्रचार और दूसरे धर्मों की वाट लगाने के लिये अपनी पुरानी पोस्टों के शिर्षक बदलकर उन्हें दोबारा छाप देते हैं.आपकी यही पोस्ट "क्या वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को गिराए जाने वाला जिहाद सही था!!!??? Types of Jihad" (http://swachchhsandesh.blogspot.com/2009/08/types-of-jihad.html) शिर्षक से 28 अगस्त को छपी थी.अब मैं भी अपना समय क्यों बर्बाद करूँ. इसलिये मैं भी अपनी पुरानी टिप्पणी ही पोस्ट कर रही हूँ.बुश दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है या नहीं ये तो आप ही बेहतर जानते होंगे. लेकिन ये जो लोग भारत में रोज मारे जा रहे हैं क्या वो भी आतंकवादी हैं… हाँ मुझे पता है कि आपके लिये तो ये जिहाद… बेगुनाहों को मारना जेहाद है… औरतों को मारना जेहाद है… बच्चों को मारना जेहाद है… एक गरीब आदमी घर से निकलता है और उसे पता ही नहीं की वो शाम को घर वापिस आयेगा या फिर किसी बस, ट्रेन या बाजार में एक लावारिस लाश बनकर पडा होगा… तुम इसे जेहाद कहते हो… लाखों लोगों को मारने वाले आंतकवादीयों की तुम तरफदारी करते हो, उन्हें सही ठहराते हो. सलीम जी, एक बात का जवाब देना कि हिन्दुस्तान में तुम जेहाद करते हो, पश्चिमी देशों में तुम जेहाद करते हो. लेकिन उन मुस्लिम देशों में कौन सा जेहाद है जहाँ तुम्हारे अपने ही मुस्लिम भाई हैं. करीब हर रोज पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, ईराक और ना जाने कितने ही इस्लामिक देशों में रोज बम फटते हैं इतने हमले होते हैं वहाँ क्या समस्या है. असल में आदत पड गई है… मजा आने लगा है लोगों को मारने में… जेहाद के नाम पर किये गये हमलों का सच:26 फरवरी 1993 – वर्ड ट्रेड सेंटर, न्यू यार्क पर बम से हमला 6 लोग मरे. 13 मार्च 1993 – मुम्बई बम काँड 250 व्यक्तियों की मौत और 700 घायल. 24 दिसम्बर 1994 – Air France की फ्लाईट न. 8969 को आर्मड इस्लामिक ग्रुप, अलजिरीया ने हाईजैक किया 3 यात्रीयों की मौत.25 जून 1996 – खोबर टावर पर बम से हमला 20 मरे, 37 घायल. 14 फरवरी 1998. कोयम्बटूर, तमिल नाडू में 13 बमों से हमला 46 मरे और 200 घायल7 अगस्त 1998 – यू.एस ऐम्बैसी तनज़ानीया व किनीया मे बम से हमला 224 मरे और 4000 से ज्यादा घायल11 सैप्टमबर 2001 – वर्ड ट्रैड सैंटर और पैंटागन पर चार विमान द्वारा 19 मुस्लिम हाईजैकर्स ने हमला किया 3000 से ज्यादा की मौत.13 दिसम्बर 2001 – भारतीय संसद पर जैश-ए-मौहम्मद व ल्श्कर-ए-तैयाबा का आत्मघाती हमला 7 मरे और 12 घायल. 3 मार्च 2002 – इस्राईल में एक आत्मघाती हमले में 29 मरे और 133 घायल.7 मई 2002 – अलजिरीया में बम से हमला 49 मरे 117 घायल. 24 सैप्टमबर 2002 – गुजरात में अकक्षरधाम मंदिर में श्र्द्धालूओं पर अंधाधुंध फायरिंग 31 मरे 86 घायल.12 अक्तुबर 2002 – बालि के नाईट क्लब में हमला 202 मरे और 300 घायल16 मई 2004 – कैसबलैन्का में हमला 33 लोगों की मौत.11 मई 2004 – स्पेन में कई बमों से हमला 191 मरे 1460 घायल.3 सैप्टैमबर 2004 बेसलन स्कूल होस्टेज केस में 344 लोग मरे जिनमें 186 बच्चे थे. 4 फरवरी 2005 – नाईजिरीया में मुस्लिम आतंकवादियों ने क्रिश्चियन सुमदाय के लोगो पर हमला किया जिसमें 36 लोग मारे गये.7 जुलाई 2005 – लंदन बम ब्लास्ट में 53 लोग मरे और 700 से ज्यादा घायल.23 जुलाई 2005 – इजिप्ट के एक रिसोर्ट में हमला 64 लोगों की मौत.29 अक्तुबर 2005 – दिवाली से दो दिन पहले दिल्ली में बम ब्लास्ट 60 से ज्यादा मरे और 180 घायल.9 नवम्बर 2005 – जौर्डन में आत्मघाती हमला 60 मरे 115 घायल.7 मार्च 2006 – वाराणासी के हिन्दू मंदिर – संकट मोचन व रेलवे स्टेशन में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा बम ब्लास्ट 28 मरे और 100 से ज्यादा घायल. 11 जुलाई 2006. मुम्बई ट्रेन बम धमाकों में 209 लोग मरे और 700 से ज्यादा घायल.26 जुलाई 2008. अहमदाबाद 49 मरे 160 घायल. 26 नवमबर 2008. मुमबई में 10 पाकिस्तानी आतंकवादीयों द्वारा हमला 174 लोगों की जानें गईं और कई घायल. अजमल कसाब जिंदा पकडा गया.लिखते-लिखते मेरे हाथ दर्द कर गये सलीम जी लेकिन ये लिस्ट खत्म नहीं हो रही.इन सब की जिहाद भी जरा ज्स्टीफाई करो.

  25. sneha says:

    >सलीम जी (उर्फ मानसिक रोगी),आपको किसी अच्छे साईकैट्रिस्ट से मिलना चाहिये. जब आपके पास लिखने के लिये कुछ नहीं होता तब भी आप इसलाम का प्रचार और दूसरे धर्मों की वाट लगाने के लिये अपनी पुरानी पोस्टों के शिर्षक बदलकर उन्हें दोबारा छाप देते हैं.आपकी यही पोस्ट "क्या वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को गिराए जाने वाला जिहाद सही था!!!??? Types of Jihad" (http://swachchhsandesh.blogspot.com/2009/08/types-of-jihad.html) शिर्षक से 28 अगस्त को छपी थी.अब मैं भी अपना समय क्यों बर्बाद करूँ. इसलिये मैं भी अपनी पुरानी टिप्पणी ही पोस्ट कर रही हूँ.बुश दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी है या नहीं ये तो आप ही बेहतर जानते होंगे. लेकिन ये जो लोग भारत में रोज मारे जा रहे हैं क्या वो भी आतंकवादी हैं… हाँ मुझे पता है कि आपके लिये तो ये जिहाद… बेगुनाहों को मारना जेहाद है… औरतों को मारना जेहाद है… बच्चों को मारना जेहाद है… एक गरीब आदमी घर से निकलता है और उसे पता ही नहीं की वो शाम को घर वापिस आयेगा या फिर किसी बस, ट्रेन या बाजार में एक लावारिस लाश बनकर पडा होगा… तुम इसे जेहाद कहते हो… लाखों लोगों को मारने वाले आंतकवादीयों की तुम तरफदारी करते हो, उन्हें सही ठहराते हो. सलीम जी, एक बात का जवाब देना कि हिन्दुस्तान में तुम जेहाद करते हो, पश्चिमी देशों में तुम जेहाद करते हो. लेकिन उन मुस्लिम देशों में कौन सा जेहाद है जहाँ तुम्हारे अपने ही मुस्लिम भाई हैं. करीब हर रोज पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान, ईराक और ना जाने कितने ही इस्लामिक देशों में रोज बम फटते हैं इतने हमले होते हैं वहाँ क्या समस्या है. असल में आदत पड गई है… मजा आने लगा है लोगों को मारने में… जेहाद के नाम पर किये गये हमलों का सच:26 फरवरी 1993 – वर्ड ट्रेड सेंटर, न्यू यार्क पर बम से हमला 6 लोग मरे. 13 मार्च 1993 – मुम्बई बम काँड 250 व्यक्तियों की मौत और 700 घायल. 24 दिसम्बर 1994 – Air France की फ्लाईट न. 8969 को आर्मड इस्लामिक ग्रुप, अलजिरीया ने हाईजैक किया 3 यात्रीयों की मौत.25 जून 1996 – खोबर टावर पर बम से हमला 20 मरे, 37 घायल. 14 फरवरी 1998. कोयम्बटूर, तमिल नाडू में 13 बमों से हमला 46 मरे और 200 घायल7 अगस्त 1998 – यू.एस ऐम्बैसी तनज़ानीया व किनीया मे बम से हमला 224 मरे और 4000 से ज्यादा घायल11 सैप्टमबर 2001 – वर्ड ट्रैड सैंटर और पैंटागन पर चार विमान द्वारा 19 मुस्लिम हाईजैकर्स ने हमला किया 3000 से ज्यादा की मौत.13 दिसम्बर 2001 – भारतीय संसद पर जैश-ए-मौहम्मद व ल्श्कर-ए-तैयाबा का आत्मघाती हमला 7 मरे और 12 घायल. 3 मार्च 2002 – इस्राईल में एक आत्मघाती हमले में 29 मरे और 133 घायल.7 मई 2002 – अलजिरीया में बम से हमला 49 मरे 117 घायल. 24 सैप्टमबर 2002 – गुजरात में अकक्षरधाम मंदिर में श्र्द्धालूओं पर अंधाधुंध फायरिंग 31 मरे 86 घायल.12 अक्तुबर 2002 – बालि के नाईट क्लब में हमला 202 मरे और 300 घायल16 मई 2004 – कैसबलैन्का में हमला 33 लोगों की मौत.11 मई 2004 – स्पेन में कई बमों से हमला 191 मरे 1460 घायल.3 सैप्टैमबर 2004 बेसलन स्कूल होस्टेज केस में 344 लोग मरे जिनमें 186 बच्चे थे. 4 फरवरी 2005 – नाईजिरीया में मुस्लिम आतंकवादियों ने क्रिश्चियन सुमदाय के लोगो पर हमला किया जिसमें 36 लोग मारे गये.7 जुलाई 2005 – लंदन बम ब्लास्ट में 53 लोग मरे और 700 से ज्यादा घायल.23 जुलाई 2005 – इजिप्ट के एक रिसोर्ट में हमला 64 लोगों की मौत.29 अक्तुबर 2005 – दिवाली से दो दिन पहले दिल्ली में बम ब्लास्ट 60 से ज्यादा मरे और 180 घायल.9 नवम्बर 2005 – जौर्डन में आत्मघाती हमला 60 मरे 115 घायल.7 मार्च 2006 – वाराणासी के हिन्दू मंदिर – संकट मोचन व रेलवे स्टेशन में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा बम ब्लास्ट 28 मरे और 100 से ज्यादा घायल. 11 जुलाई 2006. मुम्बई ट्रेन बम धमाकों में 209 लोग मरे और 700 से ज्यादा घायल.26 जुलाई 2008. अहमदाबाद 49 मरे 160 घायल. 26 नवमबर 2008. मुमबई में 10 पाकिस्तानी आतंकवादीयों द्वारा हमला 174 लोगों की जानें गईं और कई घायल. अजमल कसाब जिंदा पकडा गया.लिखते-लिखते मेरे हाथ दर्द कर गये सलीम जी लेकिन ये लिस्ट खत्म नहीं हो रही.इन सब की जिहाद भी जरा ज्स्टीफाई करो.

  26. >saleem sahb meri baat na manke nateeja sneha se bhugat liya aapne,, bataya tha aapko kiya karna he…

  27. >saleem sahb meri baat na manke nateeja sneha se bhugat liya aapne,, bataya tha aapko kiya karna he…

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