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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>मंदी से बचाव: भारत में भी इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली लागू हो ! (Islamic banking system should be implemented in India)

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अमेरिका और यूरोप में मंदी से निपटने के लिए इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली चालू करने पर गंभीरता से विचार चल रहा है| गौरतलब है कि इस्लामिक बैंक बिना ब्याज़ के अपना व्यवसाय करते हैं | अभी तक यह बैंकिंग सिर्फ इस्लामिक मुल्कों में ही चलन में है | मंदी के इस दौर में जब अमेरिका और यूरोप के बड़े बड़े बैंक दिवालिया हुए चले जा रहे हैं, तब बाज़ार को मंदी से बचाने के लिए तथा निर्यातकों को राहत देने के लिए इस्लामिक बैंकिंग अपनाने पर ज़ोर दिया गया जा रहा है | इस प्रणाली के तहत बैंक निर्यातकों से उनका माल खरीदतें हैं और अपने रिस्क पर उसको निर्यात करते हैं, जिससे निर्यातकों को ख़तरा कम हो जाता है | यह बैंक लघु उद्योगों को जब व्यापार करने के लिए पैसा देतें हैं तो उनसे ब्याज़ के बजाये सर्विस चार्ज के रूप में एक छोटी सी रक़म लेते हैं, यही नहीं लघु उद्योग जब डूबने लगते हैं तो उनको दिवालिया होने से बचाने का प्राविधान भी इस प्रणाली में है|


भारत के कालीन निर्यातकों ने भी मंदी से निपटने के लिए इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली अपनाने की मांग की है|
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Filed under: इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली

16 Responses

  1. Mohammed Umar Kairanvi कहते हैं:

    >बैंकिंग प्रणाण्लियां हमारे यहाँ प्रचलित हैं उनसे अमीर और अमीर, गरीब और गरीब होता जा रहा है, भाई यह पोस्ट बहुत रिसर्च करके देनी थी, आप बातें तो ठीक कह रहे हो मगर अधिकतर इसे समझेंगे नहीं कैसे,कब,क्यूं,कहाँ जैसी हर बात रिसर्च करके पेश करते तो सार्थक था,बधाई

  2. Mohammed Umar Kairanvi कहते हैं:

    >बैंकिंग प्रणाण्लियां हमारे यहाँ प्रचलित हैं उनसे अमीर और अमीर, गरीब और गरीब होता जा रहा है, भाई यह पोस्ट बहुत रिसर्च करके देनी थी, आप बातें तो ठीक कह रहे हो मगर अधिकतर इसे समझेंगे नहीं कैसे,कब,क्यूं,कहाँ जैसी हर बात रिसर्च करके पेश करते तो सार्थक था,बधाई

  3. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >आपका सहयोग अपेक्षित है उमर भाई, आप अगर इस विषय में इज़ाफा करें तो अति उत्तम रहेगा…

  4. >आपका सहयोग अपेक्षित है उमर भाई, आप अगर इस विषय में इज़ाफा करें तो अति उत्तम रहेगा…

  5. पी.सी.गोदियाल कहते हैं:

    >अरे सलीम भाई, कहाँ थे इतने दिनों तक, ओबामा के सत्ता सँभालते ही यह बढिया सजेसन आपको उन्हें दे देना चाहिए था, तब से अब तक बेचारो के ६७ बैंक दिवालिया हो गए ! अरे भाईसाब, उसे नहीं कोई सजेसन दे पाए तो कम से कम पडोष में मिंया जरदारी को ही इस तरह का सजेशन दे देते, बेचारा जब तब अमेरिका और यूरोप में कटोरा लिए घूमता फिरता है ! जब तक आतंकवाद की फसल बिकी तब तक उन्होंने वह एक्सपोर्ट की दुनिया को और अब जब मंदी छा गई तो फसल काटने की कीमत वसूल रहे है बेवकूफ अमेरिकनों से !

  6. पी.सी.गोदियाल कहते हैं:

    >अरे सलीम भाई, कहाँ थे इतने दिनों तक, ओबामा के सत्ता सँभालते ही यह बढिया सजेसन आपको उन्हें दे देना चाहिए था, तब से अब तक बेचारो के ६७ बैंक दिवालिया हो गए ! अरे भाईसाब, उसे नहीं कोई सजेसन दे पाए तो कम से कम पडोष में मिंया जरदारी को ही इस तरह का सजेशन दे देते, बेचारा जब तब अमेरिका और यूरोप में कटोरा लिए घूमता फिरता है ! जब तक आतंकवाद की फसल बिकी तब तक उन्होंने वह एक्सपोर्ट की दुनिया को और अब जब मंदी छा गई तो फसल काटने की कीमत वसूल रहे है बेवकूफ अमेरिकनों से !

  7. varsha कहते हैं:

    >इस बारे में सुना था पर इसकी कार्यप्रणाली पर अधिक जानकारी नही मिल पायी। कोई भी उद्योग तब तक चलता है जब तक कम से कम अपने आतंरिक खर्चे वहन कर पाता है, बिना व्याज के यह कैसे सम्भव है, इस पर थोडी अधिक जानकारी अपेक्षित है।

  8. varsha कहते हैं:

    >इस बारे में सुना था पर इसकी कार्यप्रणाली पर अधिक जानकारी नही मिल पायी। कोई भी उद्योग तब तक चलता है जब तक कम से कम अपने आतंरिक खर्चे वहन कर पाता है, बिना व्याज के यह कैसे सम्भव है, इस पर थोडी अधिक जानकारी अपेक्षित है।

  9. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >@varsha मैं इंशाअल्लाह जल्द ही इसके बारे में बेसिक जानकारियां उपलब्ध करने की कोशिश करूँगा…

  10. >@varsha मैं इंशाअल्लाह जल्द ही इसके बारे में बेसिक जानकारियां उपलब्ध करने की कोशिश करूँगा…

  11. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >@varsha तब तक आप इस वेबसाइट का अध्ययन कर सकती हैं…http://www.islamic-banking.com/ibanking/whatib.php

  12. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >वैसे प्राथमिक तौर पर यूँ समझ लीजिये कि यह सुविधा शुल्क ही लेते हैं जिसके ज़रिये से इनके खर्चे वहां होते हैं…

  13. >वैसे प्राथमिक तौर पर यूँ समझ लीजिये कि यह सुविधा शुल्क ही लेते हैं जिसके ज़रिये से इनके खर्चे वहां होते हैं…

  14. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >यह भी एक बढ़िया जरिया है, यह जानने के लिए कि क्या है इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली.. इस पर चटका लगायें http://en.wikipedia.org/wiki/Islamic_banking

  15. >यह भी एक बढ़िया जरिया है, यह जानने के लिए कि क्या है इस्लामिक बैंकिंग प्रणाली.. इस पर चटका लगायें http://en.wikipedia.org/wiki/Islamic_banking

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