स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़

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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>दो फर्ज़ी मुठभेड़ों की कथा (A tale of two encounters: Dehradun and Batla House)

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पिछले हफ़्ते देहरादून के रणवीर सिंह की फर्ज़ी मुठभेड़ में पुलिस द्वारा हत्या करने पर छुब्ध होकर जामिया मिल्लिया अध्यापक संघीय ग्रुप ने भारी मन से कंडोलेंस घोषित किया. रणबीर सिंह का मुठभेड़ प्रकरण एक बार फिर भारतीय पुलिस का वह चेहरा बेनक़ाब करता है जिसके लिए वे मैडल और प्रमोशन के लिए किस तरह से मासूमों को उत्पीडित करते है और जान से मारने में भी नहीं हिचकते हैं. मैं तो कहता हूँ कि इन दरिन्दे पुलिस वालों को क़ानून सख्त से सख्त सज़ा दे.

रणवीर का पुलिस द्वारा फर्ज़ी मुठभेड़ में मारने पर एक और घटना ताज़ा हो गयी, वह थी बाटला हाउस एनकाउंटर (पिछले सितम्बर में) जो पूरी तरह से फर्ज़ी था और उस एनकाउंटर में भी पुलिस ने फर्ज़ी तरीके से दो बेगुनाह युवकों को मार डाला था, यही नहीं अपने ही पुलिस साथी को भी मार डाला था.

हालाँकि दोनों फर्ज़ी मुठभेडों में जन-क्रोध का सैलाब उमड़ पड़ा था और यह मुठभेडें हमारे देश और उत्तराखंड राज्य की राजधानी में हुईं. एक ख़ास बात यह रही कि रणवीर प्रकरण में जिस तरह से ‘सेकुलर’ कांग्रेस ने तत्परता दिखाते हुए इसके खिलाफ आन्दोलन में सहयोग किया और जन सैलाब का साथ देकर भारत के मानवाधिकार आयोग से निष्पक्ष जांच करने के लिए ज्ञापन आदि दिए, वह तत्परता बाटला हाउस के फर्ज़ी मुठभेड़ में कथित सेकुलर कांग्रेस में नहीं नज़र आई थी.

इस प्रकरण में सीबी-सीआईडी जांच का आर्डर पहले ही दे दिया गया और मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिस वालों के खिलाफ़ हत्या का मुकदमा दर्ज़ किया गया.

ज़्यादातर मिडिया इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ़ गलत बयानी करती रहती है और तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करती है. पहले कहा जाता था कि मुसलमान पढ़ते लिखते नहीं है, इन्हें पढाओ-लिखाओ, फिर कहते है कि मदरसा आतंकवादी को जन्म देता है. (हालाँकि मैं भारत के अन्दर एक भी ऐसे मदरसे को नहीं जानता जो इस तरह की गतिविधियों में लिप्त हो, भारत के बाहर मैं नहीं जानता). फिर कहते है कि पढ़े लिखे मुसलमान (आईटी स्पेशलिस्ट) आतंकवादी है… मास्टरमाईंड हैं, इन्हें अन्दर करो!!

क्या है ये, कभी कहते हो मुसलमान अनपढ़ है, कभी कहते हो पढ़े लिखे हैं…..हाँ, हम मास्टरमाईंड हैं मगर आतंकवादी नहीं. हम मिडिया से अमन चाहते हैं जंग नहीं.

याद कीजिये किस तरह से बाटला हाउस के फर्ज़ी एनकाउंटर में मारे गए बेगुनाह युवकों को प्रति मिडिया ने और राजनैतिक पार्टियों ने देशविरोधी और आतंकवादी करार देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन सच आखिर सच ही होता है. यह भी कहा गया कि अगर बाटला हाउस की फर्ज़ी मुठभेड़ की जांच सीआईडी से कराई जायेगी तो पुलिस का मनोबल कमज़ोर होगा. तो क्या अब रणवीर की हत्या करने वाले पुलिसवालों के खिलाफ़ जांच करने पर पुलिस वालों का मनोबल नहीं गिरेगा…??? आखिर मिडिया, पुलिस और शासन क्यूँ मुसलमानों के लिए दोगलेपन का-सा व्यवहार करती है? क्यूँ???

सलीम खान
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18 Responses

  1. >सलीम, आपने काफ़ी सही लिखा है…हिन्दुस्तान की मिडिया को फ़ैसला कर लेना चाहिये की मुस्लमान को वो कैसा देखना चाहते है?उन्हे अनपढ से भी परेशानी है और पढे-लिखे से भी

  2. >सलीम, आपने काफ़ी सही लिखा है…हिन्दुस्तान की मिडिया को फ़ैसला कर लेना चाहिये की मुस्लमान को वो कैसा देखना चाहते है?उन्हे अनपढ से भी परेशानी है और पढे-लिखे से भी

  3. >सलीम, आपने काफ़ी सही लिखा है…हिन्दुस्तान की मिडिया को फ़ैसला कर लेना चाहिये की मुस्लमान को वो कैसा देखना चाहते है?उन्हे अनपढ से भी परेशानी है और पढे-लिखे से भीसलीम आपके मेल एड्रेस मेरे ब्लोग की ई मेल फ़ीड की लिस्ट मे मौजूद है लेकिन आपने उसे VERIFY नही किया है…क्यौ?

  4. >सलीम, आपने काफ़ी सही लिखा है…हिन्दुस्तान की मिडिया को फ़ैसला कर लेना चाहिये की मुस्लमान को वो कैसा देखना चाहते है?उन्हे अनपढ से भी परेशानी है और पढे-लिखे से भीसलीम आपके मेल एड्रेस मेरे ब्लोग की ई मेल फ़ीड की लिस्ट मे मौजूद है लेकिन आपने उसे VERIFY नही किया है…क्यौ?

  5. >काशिफ भाई, मेल एड्रेस आज और अभी वेरीफाई कर देता हूँ, इंशाल्लाह ! और हाँ, आपसे और उन सभी ब्लोगर्स से जो यह अक़ीदा रखते हैं कि अल्लाह एक है और मुहम्मद (स.व.) उनसके बन्दे और आखिरी पैगम्बर हैं, यह अपील है कि एक दुसरे के ब्लॉग को अपने शेड्यूल के हिसाब से रोजाना देखे और उन पर टिपण्णी करें और साथ ही एक दुसरे को प्रोत्साहित करने के साथ साथ सहयोग भी करें|ऐसे ही कुछ ब्लॉग हैं…..

  6. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >काशिफ भाई, मेल एड्रेस आज और अभी वेरीफाई कर देता हूँ, इंशाल्लाह ! और हाँ, आपसे और उन सभी ब्लोगर्स से जो यह अक़ीदा रखते हैं कि अल्लाह एक है और मुहम्मद (स.व.) उनसके बन्दे और आखिरी पैगम्बर हैं, यह अपील है कि एक दुसरे के ब्लॉग को अपने शेड्यूल के हिसाब से रोजाना देखे और उन पर टिपण्णी करें और साथ ही एक दुसरे को प्रोत्साहित करने के साथ साथ सहयोग भी करें|ऐसे ही कुछ ब्लॉग हैं…..

  7. >रांचीहल्ला – By Nadeem Akhtarस्वच्छ संदेश: हिन्दोस्तान की आवाज़ – by Saleem Khanईश्वर की पहचान – by Safat Alamइस्‍लाम इन हिन्‍दी – by Mohammad Umar Kairanviइस्लामिक वेबदुनियाँ – by Mohammad Asifअंतिम अवतार – by Mohammad Umar Kairanviद होली कुरआन- by Kashif Arif(if you have some mmore blog blonging this criteria, pliz write here…thanks)-सलीम खान

  8. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >रांचीहल्ला – By Nadeem Akhtarस्वच्छ संदेश: हिन्दोस्तान की आवाज़ – by Saleem Khanईश्वर की पहचान – by Safat Alamइस्‍लाम इन हिन्‍दी – by Mohammad Umar Kairanviइस्लामिक वेबदुनियाँ – by Mohammad Asifअंतिम अवतार – by Mohammad Umar Kairanviद होली कुरआन- by Kashif Arif(if you have some mmore blog blonging this criteria, pliz write here…thanks)-सलीम खान

  9. >साथ ही ऐम्बा (AIMBA) से जुडें. AIMBA (आल इंडिया मुस्लिम ब्लोगर्स असोसिअशन) एक ऐसा प्लेटफोर्म है जहाँ आप अपने आपको संगठित करके अपनी, अपने काम और अपने मुल्क़ की सेवा कर सकते हैं…इंशाअल्लाह,हम सब को दीन पर चलने की तौफीक़ अत फरमाए और हम सबकी 'जद्दो-जहद' को क़ुबुल फ़रमाए, आमीन!

  10. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >साथ ही ऐम्बा (AIMBA) से जुडें. AIMBA (आल इंडिया मुस्लिम ब्लोगर्स असोसिअशन) एक ऐसा प्लेटफोर्म है जहाँ आप अपने आपको संगठित करके अपनी, अपने काम और अपने मुल्क़ की सेवा कर सकते हैं…इंशाअल्लाह,हम सब को दीन पर चलने की तौफीक़ अत फरमाए और हम सबकी 'जद्दो-जहद' को क़ुबुल फ़रमाए, आमीन!

  11. >एक नाम और है, लखनऊ के महफूज़ साहब का उनके ब्लॉग का नाम है "मेरी रचनाएँ"

  12. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >एक नाम और है, लखनऊ के महफूज़ साहब का उनके ब्लॉग का नाम है "मेरी रचनाएँ"

  13. Akinchan कहते हैं:

    >Hindustan ke muslmano ko samajhana hoga ki ve apna aadrash Hindusthan ko mane, na ki Pakistan ko.

  14. Akinchan कहते हैं:

    >Hindustan ke muslmano ko samajhana hoga ki ve apna aadrash Hindusthan ko mane, na ki Pakistan ko.

  15. मनुज कहते हैं:

    >@ स्वच्छता वाले भाई साहब,भाई जान पहले तो यह बताये कि आप इतने निश्चित कैसे हैं कि बटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए लोग आतंकवादी नहीं थे??फिर ये बताये कि आपके क्या तथ्य हैं जिनके आधार पर आप ये कह रहे हैं आप ऐसे किसी मदरसे को नहीं जानते जिनमे आतंकवाद की शिक्षा नहीं दी जाती. लगता है आपको दिन में सपने देखने की बीमारी है या आपको utopia नाम का मानसिक रोग है.तथ्यहीन बाते करना बंद कीजीये, और ये बात अपने दिमाग में बैठा लीजिये कि कुरान में लिखे होने से ही कोई बात ब्रह्मसत्य नहीं हो जाती है. गलत या सही को परखने के लिए आपके पास दिमाग है, और उसे अपने अनुभव के तराजू में रख कर तोलिये. जो कबाड़ आप अपने ब्लॉग पर परोस रहे हैं, वैसे तो उसपर टिप्पणी करना ही आपको popularize करना ही है, पर अब पानी सर के ऊपर जा रहा है, मैं आपको आखिरी चेतावनी दे रहा हु कि अगर आपने अपने ब्लॉग पर से ये झूठ का प्रचार बंद नहीं किया तो आप पर "आईटी एक्ट " के तहत धार्मिक उन्माद पैदा करने का केस दाखिल करूँगा.

  16. मनुज कहते हैं:

    >@ स्वच्छता वाले भाई साहब,भाई जान पहले तो यह बताये कि आप इतने निश्चित कैसे हैं कि बटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए लोग आतंकवादी नहीं थे??फिर ये बताये कि आपके क्या तथ्य हैं जिनके आधार पर आप ये कह रहे हैं आप ऐसे किसी मदरसे को नहीं जानते जिनमे आतंकवाद की शिक्षा नहीं दी जाती. लगता है आपको दिन में सपने देखने की बीमारी है या आपको utopia नाम का मानसिक रोग है.तथ्यहीन बाते करना बंद कीजीये, और ये बात अपने दिमाग में बैठा लीजिये कि कुरान में लिखे होने से ही कोई बात ब्रह्मसत्य नहीं हो जाती है. गलत या सही को परखने के लिए आपके पास दिमाग है, और उसे अपने अनुभव के तराजू में रख कर तोलिये. जो कबाड़ आप अपने ब्लॉग पर परोस रहे हैं, वैसे तो उसपर टिप्पणी करना ही आपको popularize करना ही है, पर अब पानी सर के ऊपर जा रहा है, मैं आपको आखिरी चेतावनी दे रहा हु कि अगर आपने अपने ब्लॉग पर से ये झूठ का प्रचार बंद नहीं किया तो आप पर "आईटी एक्ट " के तहत धार्मिक उन्माद पैदा करने का केस दाखिल करूँगा.

  17. उम्दा सोच कहते हैं:

    >सलीम को कोई बताये मुंबई के पास पनवेल के एक मदरसे में २०० किलो आर डी एक्स बरामद हुआ था, पनवेल थाना रोड पर सीलफाटा से ये जगह महज़ ८ किलो मीटर दूर है जा के सलीम देख ले, सरकार ने उस जगह को कब्जे में ले रक्खा है !

  18. उम्दा सोच कहते हैं:

    >सलीम को कोई बताये मुंबई के पास पनवेल के एक मदरसे में २०० किलो आर डी एक्स बरामद हुआ था, पनवेल थाना रोड पर सीलफाटा से ये जगह महज़ ८ किलो मीटर दूर है जा के सलीम देख ले, सरकार ने उस जगह को कब्जे में ले रक्खा है !

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