स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़

Icon

सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>हम ईश्वर की शरण चाहते थे: ऐ. आर. रहमान

>

इस्लाम क़बूल करने का फ़ैसला मैंने अचानक नहीं लिया बल्कि इसमें हमें दस साल लगे इस्लाम कबूल करने का फ़ैसला मेरा और मेरी माँ दोनों का सामूहिक फ़ैसला था। हम दोनों सर्वशक्तिमान ईश्वर की शरण में जन चाहते थे. आर. रहमान (भारत के मशहूर संगीतकार)

भारत के मशहूर संगीतकार ऐ आर रहमान को कौन नहीं जनता है? भारत ही नही विदेशों में भी अपने हुनर का डंका बजवाने वाले अल्लाहरक्खा रहमान के जीवन में उस वक्त एक नयी मोड़ आयी जब उन्होंने अपने परिवार समेत इस्लाम की शरण स्वीकार करी और इस्लाम के आगोश में आ गए. उनका कहना था कि इस्लाम कबूल करने के बाद जीवन के प्रति मेरा दृष्टिकोण बदल गया. भारतीय फिल्मी दुनिया में मुस्लिम लोग कामयाबी पाने के लिए अपना हिंदू नाम रख लेते हैं लेकिन मेरे बारे में ऐसा बिल्कुल ही उल्टा हो गया क्यूंकि मैं था दिलीप कुमार और हो गया अल्लाहरक्खा रहमान. मुझे एक मुस्लिम होने पर फ़ख्र है. पिछली बार हज करने गए रहमान मीना (साउदी अरब का एक शहर) में दीनी (धार्मिक) माहौल में ऐसे लबरेज़ थे कि लग ही नही रहा था कि ये भारत के संगीत की दुनिया का बादशाह है. बकौल सैयद फ़ैसल अली जो कि अरब न्यूज़ के जानिब से थे ने उनसे साक्षात्कार लिया और यह देखा कि रहमान का व्यवहार दिलकश था. कभी मूर्तिपूजक रहे रहमान अब इस्लाम के बारे में एक विद्वान के से बात कर रहे थे. हज करते वक्त उनका कहना था कि अल्लाह ने उनके लिए हज आसान बना दिया. अरब की पाक ज़मीन पर गुज़ारे हर वक्त का इस्तेमाल मैंने अल्लाह की इबादत में किया है. रहमान अराफ़ात और मदीना में भी इबादत में जुटे रहे और अपने अंतर्मन को पवित्र किया. अपने हज के बारे में रहमान आगे बताते हैं: ईश्वर/अल्लाह ने हमारे लिए हज को आसान बना दिया. इस पाक ज़मीन पर गुज़ारे हर पल का इस्तेमाल मैंने अल्लाह की इबादत के लिए किया है. मेरी ईश्वर/अल्लाह से दुआ है कि वह मेरे हज को कुबूल करे.

उनका मानना है कि हज की एक-एक रस्म अपने अन्तर्मन को पवित्र करने के साथ-साथ अपने अंतर्मन से संघर्ष करने का सा है. छह जनवरी को उनका जन्मदिन पड़ता है और इस बार उनके जन्मदिन के लिए हज यात्रा अल्लाह का एक हसीन तोहफा था. उन्होंने कहा : मैं आपको बताना चाहता हूँ कि इस साल मुझे मेरे जन्मदिन पर बेशकीमती तोहफा मिला है जिसको मैं ज़िन्दगी भर भुला नहीं पाऊंगा. इस साल मदीने में इबादत करने का अल्लाह सुभान व तआला ने अनूठा इनाम दिया है| Read More…

Filed under: Uncategorized

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: