स्वच्छ सन्देश: हिन्दोस्तान की आवाज़

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सलीम खान का एक छोटा सा प्रयास

>याद तो आता हूँ ना !

>

कभी अगर शाम हो और तन्हाई का आलम हो,

सन्नाटे में चीरता हुआ एक एहसास दिल को तेरे,
मेरी याद तो दिलाता होगा तुम्हें ‘आरज़ू’ |

सुबह सुबह जब खामोशी से नींद खुलती होगी,
फ़िर आँख खुलते ही मुझे नज़दीक न पाना,
मेरी याद तो दिलाता होगा तुम्हें ‘आरज़ू’ |

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Filed under: सलीमख़ान, स्वच्छसन्देश

12 Responses

  1. चिराग जैन CHIRAG JAIN कहते हैं:

    >सबसे पहले तो आपके ब्लॉग के लेआउट के लिये बधाई! छो्टे-छोटे आकार में बड़े-बड़े झटकों की तैयारी है। लिखते रहें!

  2. Dr. Virendra Singh Yadav कहते हैं:

    >sundar soochana dene ke liye badhai ho.blog ki is duniya me apka swagat hai

  3. दिगम्बर नासवा कहते हैं:

    >दिल के ज़ज्बात को सुंदर तरीके से उभरा है……अच्छी रचना

  4. संगीता पुरी कहते हैं:

    >बहुत सुंदर…आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

  5. >सुंदर रचना भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखेंwww.zindagilive08.blogspot.comआर्ट के लि‌ए देखेंwww.chitrasansar.blogspot.com

  6. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >चिराग जी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद,एक शेर अर्ज़ है…मैं अकेला ही चला थाजानिब ऐ मंजिल की तरफ़,लोग आते गए कारवां बढ़ता गया |

  7. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >वीरेन्द्र जी, आप का बहुत बहुत धन्यवाद | आशा है आगे भी आपका आशीर्वाद मिलता रहेगा |

  8. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >दिगम्बर जी, आपका धन्यवाद ब्लॉग पर आने का, आशा करता हूँ आप इसी तरह आते रहेंगे | आपके ब्लॉग में बहुत ही सुंदर सुंदर रचनाये है, अभी थोड़ा ही पढ़ा है | इंशा अल्लाह जल्द ही फ़िर पढूंगा |

  9. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >संगीता जी, धन्यवाद प्रोत्साहन के लिए | आप से हमारी मुलाक़ात मेरे अन्य ब्लॉग स्वच्छ संदेश पर भी हो चुकी है | इस आशा के साथ आप हमारे ब्लॉग पर आते रहे और मैं आपके ब्लॉग पर नियमित जाता रहूँ पुनः धन्यवाद |

  10. सलीम ख़ान कहते हैं:

    >रचना जी, आपकी रचनाएँ पढीं, बहुत सुंदर है | खास कर घड़ा (पुरूष) और सुराही (स्त्री) और निरक्षर मानव | इसी उम्मीद के साथ आप अति रहेंगी, धन्यवाद |

  11. नारदमुनि कहते हैं:

    >saath chalte majbur gam naa hota,shama ko intjaar tab bhee tha ab bhee hai. narayan narayan

  12. Anonymous कहते हैं:

    >joyful nugget casinodownload jackpot shindig vacancy gadget casino free online poker rooms online casinosilk notch machines las vegas casinos lull gazette russian roulette outdo online no download casinosno prime keep casino bonuses munsters slot machine games all cool cat casino no deposit bonus codesjoyland casino 20 line emancipated slots affect cooperate casino racket las vegasreport casinos las vegas nv how play dice tournament bunco hoyle casino 99 uncensored downloadrates rocklike rock casino las vegas motherboard universal agp sulcus code coupon free chip casino betroyalonline casino bonus coupons blank bingo cards crush casino honorarium onlineonline casino gambling texas holdem ny lotto marvy casino biloxi reviewstake casino games slot agp instant no deposit signup casino bonusonline casino intention not reject winnings lighting mcqueen games

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